नमो नमो दुर्गे सुख करनी नमो नमो अम्बे दुःख हरनी निरंकार है ज्योति तुम्हारी तिहूं लोक फैली उजियारी ... देवीदास शरण निज जानी करहु कृपा जगदम्ब भवानी