आरती कीजे श्री रामलला की रघुनंदन सम्पूर्ण कला की आरती कीजे श्री रामलला की ॥ नारायण नर बनकर आये रघुकुल नंदन राम कहाये कौशल्या सूत राजिव लोचन दशरथ सूत हरी भव भय मोचन आरती कीजे श्री रामलला की ॥ राम चरण में जो चित लावे प्रेम भक्ति से गुण यश गावे अक्षय सुख यश वैभव पावे अंत काल भव से तर जावे आरती कीजे श्री रामलला की ॥