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घर पर आरती कैसे करें: दैनिक पूजा हेतु चरण-दर-चरण विधि
Daily Rituals

घर पर आरती कैसे करें: दैनिक पूजा हेतु चरण-दर-चरण विधि

8 मिनट पढ़ेंप्रकाशित अप्रैल 7, 2026
SI

By Dr. Suresh Iyer · Vastu Shastra & Jyotish, 18+ years

Reviewed by Anjali Mehta · Editor, M.A. Religious Studies

आरती क्या है व क्यों महत्वपूर्ण

आरती भक्तिपूर्ण पूजा समारोह जहाँ प्रकाश, ध्वनि, अर्पण मिलकर दिव्य का सम्मान करते।

5 तत्व - 1. दीया - अग्नि 2. घंटी - ध्वनि 3. गीत/मंत्र 4. कपूर 5. भोग

क्यों महत्वपूर्ण - दैनिक आधार, परिवार समय, ऊर्जा सफाई, बच्चों को भक्ति सिखाना।

ब्रह्मांडीय सिद्धांत - आरती = प्रकाश रूप से मिलता। गोलाकार गति आवश्यक।

कब - प्रातः, सूर्यास्त, बड़े आयोजन से पहले, पर्व।

दैनिक 5 मिनट पर्याप्त।

दैनिक आरती हेतु आवश्यक वस्तुएँ

स्थायी - आरती थाली, दीया धारक, कपूर धारक, घंटी, शंख, आसन, चौकी, माला।

दैनिक - घी या सरसों तेल, बत्तियाँ, कपूर, अगरबत्ती, अक्षत, फूल, तिलक सामग्री, भोग, जल।

देवता-विशिष्ट फूल -

  • कृष्ण/विष्णु - तुलसी + पीले
  • शिव - बिल्व + श्वेत
  • देवी - लाल
  • हनुमान - लाल गुड़हल
  • गणेश - लाल + दूर्वा
  • सरस्वती - श्वेत/पीला
  • सूर्य - लाल

भोग - कृष्ण माखन-मिश्री, शिव बेल लड्डू, हनुमान बूंदी लड्डू, गणेश मोदक।

लागत - ₹1500-3000 एकमुश्त + ₹100-200 साप्ताहिक।

चरण-दर-चरण आरती विधि

दैनिक 5-मिनट विधि -

चरण 1 - व्यक्तिगत तैयारी (1 मिनट) - स्नान, स्वच्छ वस्त्र, तिलक। चरण 2 - सेटअप (1 मिनट) - आसन पूर्व मुख, अगरबत्ती, 3 गहरी साँसें। चरण 3 - संकल्प (30 सेकंड)। चरण 4 - देवता को तिलक (30 सेकंड)। चरण 5 - फूल + अक्षत (1 मिनट)। चरण 6 - दीया जलाएँ (30 सेकंड)। चरण 7 - मुख्य आरती (2-3 मिनट) - खड़े होकर, दाहिने हाथ में थाली, घड़ी की दिशा में गोलाकार, गाएँ, घंटी। चरण 8 - कपूर आरती (1 मिनट) - पूरा जलने दें। चरण 9 - भोग (30 सेकंड)। चरण 10 - समापन प्रार्थना (30 सेकंड)। चरण 11 - आरती लेना - हथेलियाँ ज्वाला पर, फिर आँखों पर। चरण 12 - प्रसाद वितरण।

कुल 5-8 मिनट।

नियम -

  • घड़ी की दिशा
  • खड़े होकर
  • कपूर पूरा जले
  • दीया फूँकें नहीं
  • ताज़े फूल
  • आरती आशीर्वाद लें
  • प्रसाद वितरण
  • मौन समाप्ति

सामान्य गलतियाँ व निष्कर्ष

सामान्य गलतियाँ व निष्कर्ष

गलतियाँ -

  • विपरीत दिशा
  • पूरी आरती बैठकर
  • कपूर न जलाना
  • दीया फूँकना
  • पुराने फूल
  • भोग छोड़ना
  • फोन सूचनाएँ
  • चमड़े के साथ
  • बच्चे शोर
  • जल्दबाज़ी
  • 'व्यस्त' होने पर छोड़ना
  • गंदे वस्त्र
  • गहरे रंग
  • मांसाहार
  • केवल रिकॉर्डिंग

तीन स्तर -

  • स्तर 1 - दैनिक 5 मिनट
  • स्तर 2 - प्रातः + संध्या
  • स्तर 3 - समर्पित

अंतिम चिंतन - आरती सबसे सरल पर सर्वाधिक सार्वभौमिक।

कल प्रातः शुरू करें।

दीया जलाएँ। फूल चढ़ाएँ। एक छंद गाएँ। घड़ी की दिशा में।

5 मिनट दैनिक। आजीवन।

पाठकों के प्रश्न

क्या बिना पुजारी?+

बिल्कुल हाँ। दैनिक आरती गृहस्थ के लिए।

प्रातः या संध्या?+

दोनों। आदर्श - दोनों।

क्या बच्चे कर सकते?+

हाँ - 4-5 आयु से।

क्या मैं गा नहीं सकता?+

पाठ करें। रिकॉर्डिंग चलाएँ।

कितना समय?+

दैनिक 5-8 मिनट। पर्व 15-30 मिनट।

क्या मासिक धर्म में?+

परंपरागत प्रतिबंधित।

SI

About the author

Dr. Suresh Iyer · Vastu Shastra & Jyotish, 18+ years

Dr. Suresh has practiced traditional Vastu and basic Vedic Jyotish for over 18 years across South India. He contributes the Vastu, direction, and home-puja layout guides on Vandnaa.

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