विवाह का आशीर्वाद कौन से देव देते हैं?
सनातन धर्म में देवी पार्वती प्रेम में भक्ति की आदर्श हैं। उन्होंने भगवान शिव से मिलन के लिए कठोर तपस्या की, और इसलिए शिव-पार्वती मिलकर आदर्श, शाश्वत दंपती का प्रतिनिधित्व करते हैं। अच्छे विवाह की कामना करने वाले पार्वती की स्वयंवर पार्वती और गौरी रूपों में प्रार्थना करते हैं।
माँ कात्यायनी, नवदुर्गा में दुर्गा का छठा स्वरूप, विशेषकर शीघ्र और सुखी विवाह चाहने वालों द्वारा आराधित हैं - भागवत में गोपियों ने अच्छे पति के आशीर्वाद हेतु कात्यायनी की उपासना की। देवी के इन स्वरूपों की उपासना एक प्रेममय, अनुकूल जीवनसाथी और सौहार्दपूर्ण वैवाहिक जीवन की प्रार्थना का मार्ग है, और उस धैर्य व भक्ति को विकसित करने का जो एक अच्छे संबंध को चाहिए।
विवाह और अच्छे जीवनसाथी के मंत्र
1. स्वयंवर पार्वती मंत्र ॐ ह्रीं योगिनी योगिनी योगेश्वरी योगभयंकरी सकल स्थावर जंगमस्य मुख हृदयं मम वशमाकर्ष आकर्ष स्वाहा Om Hreem Yogini Yogini Yogeshwari Yogabhayankari Sakala Sthavara Jangamasya Mukha Hridayam Mama Vasham Aakarsha Aakarsha Svaha अर्थ: स्वयंवर पार्वती से प्रार्थना, जो शिव से मिलीं, एक योग्य और प्रेममय जीवनसाथी की कृपा हेतु।
2. कात्यायनी मंत्र (नवदुर्गा) ॐ देवि कात्यायन्यै नमः Om Devi Katyayanyai Namah अर्थ: देवी कात्यायनी को नमन - गोपियों की भाँति, अच्छे पति और सुखी विवाह के आशीर्वाद हेतु आह्वान।
3. कात्यायनी ध्यान मंत्र कात्यायनि महामाये महायोगिन्यधीश्वरि नन्दगोपसुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः Katyayani Mahamaye Mahayogini Adhishvari, Nandagopa Sutam Devi Patim Me Kuru Te Namah अर्थ: हे कात्यायनी, महाशक्ति और योगिनी, गोपियों की प्रार्थना कि उन्हें अच्छे और योग्य पति का आशीर्वाद मिले।
4. गौरी / पार्वती मंत्र ॐ गौरी शंकराय नमः Om Gauri Shankaraya Namah अर्थ: गौरी और शंकर (पार्वती और शिव) को नमन - सौहार्दपूर्ण, समर्पित वैवाहिक जीवन हेतु जपा जाता है।
जप विधि - मंत्र कैसे जपें
1. सर्वोत्तम दिन: सोमवार शिव-पार्वती को प्रिय है; शुक्रवार और नवरात्रि के दिन देवी के लिए शुभ हैं। स्नान के बाद प्रातः जपें। 2. आसन और तैयारी: स्वच्छ आसन पर पूर्व या उत्तर की ओर मुख कर बैठें। पार्वती या शिव-पार्वती का चित्र रखें, और लाल पुष्प, कुमकुम, घी का दीप व धूप अर्पित करें। 3. माला: रुद्राक्ष या लाल माला से 108 बार (एक माला) जपें। बहुत लोग 41 दिन या नवरात्रि भर प्रतिदिन जप का संकल्प रखते हैं। 4. मंगला गौरी और तीज: अविवाहित कन्याएँ और स्त्रियाँ हरतालिका तीज और मंगला गौरी जैसे व्रत रखती हैं, अच्छे साथी या वैवाहिक सौहार्द हेतु इन मंत्रों का जप करती हैं। 5. निर्मल हृदय: एक दयालु, अनुकूल साथी के लिए सच्ची प्रार्थना रखें - किसी विशेष व्यक्ति पर अधिकार की नहीं। दिव्य कृपा से सही व्यक्ति, सही समय पर, की प्रार्थना करें। 6. गौरी-शंकर आरती से समापन करें और अपनी प्रार्थना धैर्य और श्रद्धा से अर्पित करें।
इन मंत्रों के जप के लाभ

- एकाग्र, आशामय हृदय: पार्वती या कात्यायनी से प्रार्थना विवाह को लेकर चिंतित लोगों को शांति और धैर्य देती है, और दिव्य समय में विश्वास लौटाती है।
- सही गुणों का विकास: प्रेममय दृढ़ता की आदर्श पार्वती की भक्ति उस धैर्य, स्नेह और निष्ठा को प्रेरित करती है जो एक अच्छे संबंध को चाहिए।
- वैवाहिक सौहार्द: विवाहित भक्त घर में समझ, प्रेम और शांति हेतु गौरी-शंकर मंत्र जपते हैं।
- मार्गदर्शन का भाव: यह कामना देवी को अर्पित करना खोज की चिंता घटाता और समर्पण का सुकून देता है।
ये भक्ति प्रार्थनाएँ हैं, किसी विशेष व्यक्ति को वश में करने या आकर्षित करने का टोना नहीं, और ये किसी परिणाम की गारंटी नहीं देतीं। माँगा गया आशीर्वाद सही समय पर सही साथी, और एक सुखी, स्थायी विवाह बनाने के भीतरी गुण हैं। श्रद्धा से प्रार्थना करें, और खुलेपन व विवेक से कार्य करें।
लोग सबसे ज़्यादा क्या पूछते हैं
शीघ्र और सुखी विवाह के लिए कौन सा मंत्र श्रेष्ठ है?+
विवाह के लिए कात्यायनी मंत्र 'ॐ देवि कात्यायन्यै नमः' और स्वयंवर पार्वती मंत्र सबसे प्रिय हैं। भक्त इन्हें एक दयालु, अनुकूल जीवनसाथी की सच्ची प्रार्थना सहित जपते हैं।
विवाह के लिए देवी पार्वती से प्रार्थना क्यों की जाती है?+
पार्वती ने गहरी भक्ति और तपस्या से भगवान शिव को प्राप्त किया, जिससे शिव-पार्वती आदर्श दंपती बने। स्वयंवर पार्वती और गौरी जैसे स्वरूपों में उनसे प्रार्थना एक प्रेममय साथी और सौहार्दपूर्ण वैवाहिक जीवन की कामना का मार्ग है।
विवाह मंत्र कब जपना चाहिए?+
सोमवार शिव-पार्वती को प्रिय है, और शुक्रवार व नवरात्रि देवी के लिए शुभ हैं। बहुत लोग 41 दिन या नवरात्रि भर, स्नान के बाद प्रातः, निर्मल हृदय से प्रतिदिन जप का संकल्प रखते हैं।
क्या मंत्र किसी विशेष व्यक्ति को मुझसे विवाह करवा सकता है?+
नहीं। ये दिव्य कृपा से एक अच्छे, अनुकूल जीवनसाथी की भक्ति प्रार्थनाएँ हैं - किसी विशेष व्यक्ति को वश में करने या आकर्षित करने का टोना नहीं। माँगा गया आशीर्वाद सही समय पर सही साथी, और सुखी विवाह बनाने के गुण हैं।
About the author
Acharya Vinaya Kapoor · M.A. Sanskrit, Mantra & Stotra Studies
Acharya Vinaya holds an M.A. in Sanskrit from Banaras Hindu University and writes the mantra and stotra commentary on Vandnaa. Her focus is on accurate pronunciation, traditional context, and helping modern readers connect with classical texts.
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