अर्थ सहित सभी 9 ग्रह मंत्र
1. सूर्य (रविवार) - 'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः।' लाभ - सरकारी नौकरी, नेतृत्व, जीवन-शक्ति।
2. चंद्र (सोमवार) - 'ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्राय नमः।' लाभ - मन शांति, नींद, माता।
3. मंगल (मंगलवार) - 'ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः।' लाभ - मांगल दोष, विवाह विलंब, क्रोध नियंत्रण।
4. बुध (बुधवार) - 'ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः।' लाभ - संचार, व्यवसाय, शिक्षा, बुद्धि।
5. गुरु (गुरुवार) - 'ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः।' लाभ - ज्ञान, बच्चे, विवाह, धन।
6. शुक्र (शुक्रवार) - 'ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः।' लाभ - प्रेम, विवाह, विलासिता, सौंदर्य।
7. शनि (शनिवार) - 'ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनये नमः।' लाभ - साढ़े साती, अनुशासन, दीर्घायु।
8. राहु - 'ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः।'
9. केतु - 'ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः।'
संयुक्त नवग्रह मंत्र - 'ब्रह्मा मुरारी त्रिपुरांतकारी, भानुः शशी भूमिसुतो बुधश्च, गुरु च शुक्रः शनि राहु केतवः, सर्वे ग्रहाः शान्तिकराः भवन्तु।'
दिन-वार मंत्र अभ्यास
प्रत्येक ग्रह का अपना दिन -
रविवार (सूर्य) - सूर्योदय, पूर्व मुख, 108 जप, अर्घ्य, लाल वस्त्र।
सोमवार (चंद्र) - प्रातः या संध्या, 108 जप, दूध, श्वेत।
मंगलवार (मंगल) - दोपहर से पहले, हनुमान चालीसा, लाल।
बुधवार (बुध) - प्रातः, विष्णु पूजा, हरा।
गुरुवार (गुरु) - सूर्योदय, विष्णु/कृष्ण पूजा, पीला।
शुक्रवार (शुक्र) - सूर्योदय - 10 बजे, लक्ष्मी मंत्र, श्वेत/गुलाबी।
शनिवार (शनि) - सूर्यास्त के बाद, हनुमान चालीसा, काला/नीला।
दैनिक संयुक्त - सूर्योदय पर एक बार संयुक्त नवग्रह मंत्र। 30 सेकंड।
विशिष्ट ग्रह दोषों हेतु मंत्र

विशिष्ट दोष होने पर -
मांगल दोष - मंगल मंत्र 108 मंगलवार + हनुमान चालीसा।
शनि साढ़े साती - शनि मंत्र 108 शनिवार संध्या + हनुमान चालीसा + सरसों तेल दान।
सूर्य दोष - सूर्य मंत्र 108 सूर्योदय + आदित्य हृदयम्।
चंद्र दोष - चंद्र मंत्र 108 + महामृत्युंजय।
गुरु दोष - गुरु मंत्र 108 गुरुवार।
शुक्र दोष - शुक्र मंत्र 108 शुक्रवार + लक्ष्मी मंत्र।
बुध दोष - बुध मंत्र 108 बुधवार।
राहु दोष - राहु मंत्र 108 शनि/बुध।
केतु दोष - केतु मंत्र 108 मंगल/शनि + गणेश पूजा।
सामान्य गलतियाँ
1. जादू मानना। ऊर्जा क्रमशः संतुलित।
2. गलत दिन का मंत्र।
3. गलत दिशा।
4. जीवनशैली उपेक्षा।
5. गलत दोष स्व-निदान।
6. माला गिनती छोड़ना।
7. गलत माला सामग्री।
8. देवता मंत्रों के साथ युग्मन न।
9. सभी 9 दैनिक प्रयास।
10. दान नियम उपेक्षा।
अपना ग्रह अभ्यास चुनें
नवग्रह मंत्र सबके लिए नहीं। वास्तविक ग्रह पीड़ा पर आधारित विशिष्ट संकल्प।
व्यावहारिक दृष्टिकोण -
- स्तर 1 - संयुक्त नवग्रह (सामान्य)
- स्तर 2 - एक विशिष्ट ग्रह
- स्तर 3 - बहु-ग्रह उपचार
अंतिम चिंतन - वैदिक ज्योतिष कहता - 'आपके पास ग्रह नहीं। ग्रहों के पास आप।'
ग्रहाः शान्तिकराः भवन्तु।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या नवग्रह मंत्रों हेतु कुंडली जाननी चाहिए?+
कठोरता से नहीं। संयुक्त नवग्रह मंत्र सबके लिए सुरक्षित। विशिष्ट एकल-ग्रह हेतु मूल कुंडली ज्ञान सहायक।
क्या नवग्रह मंत्र सुरक्षित?+
हाँ, उचित उच्चारण व संकल्प से सुरक्षित। एकमात्र 'खतरा' गलत ग्रह के मंत्र से प्रयास व्यर्थ।
परिणाम देखने में कितने दिन?+
सूक्ष्म बदलाव 21 दिनों में। व्यावहारिक 41-90 दिन। बड़े पैटर्न 6-12 महीने।
क्या घर पर नवग्रह होमम् कर सकता?+
पूर्ण नवग्रह होमम् हेतु पुजारी व 4-6 घंटे, 9 अलग कुंड। सरलीकृत संस्करण घर पर। केवल मंत्र सर्वाधिक सुलभ।
क्या नवग्रह हेतु विशिष्ट रत्न पहनूँ?+
प्रत्येक ग्रह का संबंधित रत्न। सदैव विश्वसनीय जौहरी से।
क्या प्रतिदिन सभी 9 मंत्र कर सकता?+
संभव पर अनुशंसित नहीं। बेहतर दिन के ग्रह पर ध्यान।
About the author
Acharya Vinaya Kapoor · M.A. Sanskrit, Mantra & Stotra Studies
Acharya Vinaya holds an M.A. in Sanskrit from Banaras Hindu University and writes the mantra and stotra commentary on Vandnaa. Her focus is on accurate pronunciation, traditional context, and helping modern readers connect with classical texts.
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