क्या पहले दिन के बाद पूजा शुरू कर सकते हैं?
हाँ, माँ दुर्गा की रोज़ की पूजा अब भी शुरू कर सकते हैं। शरद नवरात्रि 11 से 19 अक्टूबर 2026 तक है; दशहरा 20 अक्टूबर को है। पहले दिन पूजा छूटने से पुष्प अर्पण, प्रार्थना या आरती करना बंद नहीं होता।
घटस्थापना विशेष विधि है, जिसे प्रतिपदा और स्थानीय मुहूर्त से जोड़ा जाता है। किसी भी अगले दिन की सुबह को वही मुहूर्त न मानें। विधिवत कलश स्थापना करनी हो तो अपनी पारिवारिक परंपरा जानने वाले पंडित से सलाह लें।
आज की सरल पहली पूजा
1. छोटा, स्थिर स्थान साफ करके माँ दुर्गा की तस्वीर रखें। 2. हाथ धोकर आराम से बैठें; बड़ा आयोजन ज़रूरी नहीं। 3. स्वच्छ जल और उपलब्ध हो तो एक फूल अर्पित करें। 4. “या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥” धीरे पढ़ें। 5. अपना संकल्प कहें और छोटी आरती या शांत प्रार्थना से समाप्त करें।
दीपक पर्दे और कागज़ से दूर रखें। जहाँ आग सुरक्षित न हो वहाँ बिजली का दीपक रखें। जलते दीपक को अकेला न छोड़ें।
क्या अधिक कठिन व्रत रखकर भरपाई करें?
नहीं। छूटी पूजा की भरपाई के लिए पानी या भोजन छोड़ना उचित नहीं। बाकी दिनों में वही करें जिसे सुरक्षित रूप से निभा सकें। गर्भावस्था, मधुमेह, बीमारी, दवाओं या भोजन-संबंधी विकार के इतिहास में व्रत से पहले डॉक्टर की सलाह लें।
बिना उपवास भी प्रार्थना, सेवा, पाठ और प्रसाद बाँटकर पर्व मना सकते हैं। संकल्प और समापन की पारिवारिक विधि हो तो उसके बारे में पूछें; इंटरनेट पढ़कर नया कठिन संकल्प न लें।
बाकी दिनों की तैयारी

नवरात्रि गाइड में दिन चुनें, उस दिन के दुर्गा रूप के बारे में पढ़ें और छोटी सूची रखें। 2026 में भक्ति-क्रम के आठवें और नौवें दिन 18–19 अक्टूबर हैं; अष्टमी-नवमी की पूजा स्थानीय पंचांग के अनुसार अलग हो सकती है। तिथि और पारिवारिक विधि के लिए अपने शहर का पंचांग देखें।
उतनी ही सामग्री तैयार करें जितनी इस्तेमाल होगी। सम्मान से भोजन बाँटें और बच्चों पर भाग लेने का दबाव न डालें। 20 अक्टूबर का दशहरा कृतज्ञता के साथ समापन का अवसर है; कलश विसर्जन और पारण मूल पारिवारिक संकल्प पर निर्भर हैं।
भक्तों के सामान्य प्रश्न
क्या बिना कलश पूजा कर सकते हैं?+
हाँ। सरल दुर्गा प्रार्थना के लिए विधिवत कलश स्थापना ज़रूरी नहीं। विशेष संकल्प वाली पूजा के पारिवारिक नियम अलग हो सकते हैं.
About the author
Pandit Mahesh Trivedi · Festival Traditions & Panchang
Pandit Mahesh leads the festival-date and Panchang content on Vandnaa. He cross-references multiple regional panchangs (Drik, Vaishnava, Bengali, Marathi) for every festival date published on the site.
Meet the Vandnaa editorial team →

