मंत्र सहित सूर्य नमस्कार क्या है
सूर्य नमस्कार 12 योग आसनों का अनुक्रम। जब 12 संगत मंत्रों के साथ किया जाता, यह सबसे पूर्ण प्रातः साधना बन जाता।
संयोजन मायने रखता -
- केवल आसन = व्यायाम
- केवल मंत्र = जप
- आसन + मंत्र = पूर्ण अभ्यास
12 आदित्य - सूर्य 12 ब्रह्मांडीय रूपों में प्रकट - हर मास/राशि हेतु एक।
12 क्यों - 12 राशियाँ, 12 मास, 12 घंटे दिन, 12 आदित्य, 12 ज्योतिर्लिंग।
लाभ - हृदय-संवहनी, विटामिन D, लचीलापन, मानसिक स्पष्टता, आध्यात्मिक रक्षा, सौर ऊर्जा, वज़न, हार्मोनल, अवसाद, सूर्य आशीर्वाद।
आयु 6+ कोई भी। गर्भवती (3रा त्रैमासिक), गंभीर हृदय, हाल सर्जरी से बचें।
12 पवित्र मंत्र
हर सूर्य नमस्कार राउंड (12 आसन) इन मंत्रों में से एक के साथ। 12 राउंड में सभी 12 चक्र करें -
1. ॐ मित्राय नमः - मित्रता, सामाजिक सामंजस्य 2. ॐ रवये नमः - करिश्मा, दीप्ति 3. ॐ सूर्याय नमः - अंधकार निवारण 4. ॐ भानवे नमः - मानसिक प्रतिभा 5. ॐ खगाय नमः - समय-प्रबंधन 6. ॐ पूष्णे नमः - शारीरिक/मानसिक बल 7. ॐ हिरण्यगर्भाय नमः - ब्रह्मांडीय जागरूकता 8. ॐ मरीचये नमः - रोग उपचार, दीर्घायु 9. ॐ आदित्याय नमः - प्रेरणा, सृजनशीलता 10. ॐ सवित्रे नमः - इच्छा-शक्ति 11. ॐ अर्काय नमः - यश, प्रतिष्ठा 12. ॐ भास्कराय नमः - ज्ञान, ज्ञानोदय
बीज मंत्र (उन्नत) - ह्रां, ह्रीं, ह्रूं, ह्रैं, ह्रौं, ह्रः।
12 आसन मंत्र-सिंक के साथ
1 राउंड = 12 आसन। 12 राउंड = पूर्ण मंत्र चक्र।
आसन क्रम - 1. प्रणामासन (नमस्ते मुद्रा) - श्वास लें + मंत्र 1 2. हस्त उत्तानासन (हाथ ऊपर) 3. पादहस्तासन (पैरों को छूना) 4. अश्व संचालनासन (दायाँ पैर पीछे) 5. दंडासन (प्लैंक) 6. अष्टांग नमस्कार (8-अंग नमस्कार) 7. भुजंगासन (कोबरा) 8. अधो मुख श्वानासन (नीचे की ओर कुत्ता) 9. अश्व संचालनासन (दायाँ पैर आगे) 10. पादहस्तासन 11. हस्त उत्तानासन 12. प्रणामासन
श्वास - 1, 4, 7, 10 श्वास लें। 3, 6, 9, 12 छोड़ें।
गति -
- शुरुआती - 1 राउंड 60-90 सेकंड
- मध्यम - 30-45 सेकंड
- उन्नत - 15-20 सेकंड
कुल समय - 12 राउंड 8-15 मिनट।
सर्वोत्तम समय, विधि व सामान्य गलतियाँ

सर्वोत्तम समय - सूर्योदय। पूर्व मुख। प्राकृतिक सूर्य प्रकाश।
सर्वोत्तम दिन - दैनिक। रविवार विशेष।
पूर्व-अभ्यास - खाली पेट, खाली मूत्राशय/मल, ढीले वस्त्र, मैट, बाहर/पूर्व मुखी खिड़की।
विधि - 1. पूर्व मुख खड़े 2. संकल्प 3. राउंड 1 मंत्र 1 के साथ 4. 12 राउंड क्रम में सभी मंत्र 5. शवासन 5 मिनट 6. सूर्य गायत्री 3 बार
कुल - 20-30 मिनट।
गलतियाँ -
- संध्या में करना
- भारी भोजन के बाद
- तेज़ सूर्य पर देखना
- मंत्र छोड़ना
- जल्दबाज़ी
- गलत श्वास
- शवासन छोड़ना
- शुरू में अति-राउंड
- गर्भावस्था अंतिम चरण
- पानी न पीना
तीन स्तर -
- स्तर 1 - दैनिक 6 राउंड
- स्तर 2 - दैनिक 12 राउंड
- स्तर 3 - रविवार 108 राउंड
अंतिम चिंतन - सबसे कुशल प्रातः अभ्यास।
ॐ सूर्याय नमः।
पाठकों के प्रश्न
क्या घर के अंदर बिना सूर्य?+
हाँ, इनडोर स्वीकार्य।
दिन में कितने राउंड?+
शुरुआती 6, मध्यम 12, उन्नत 24-54।
क्या मासिक धर्म में?+
भारी प्रवाह दिनों में बचें। दिन 4 से हल्की।
क्या वज़न घटाने हेतु अच्छा?+
हाँ - 12 राउंड 80-100 कैलोरी।
क्या बच्चे कर सकते?+
हाँ, 6+ आयु से।
केवल मंत्र या आसन?+
दोनों संयुक्त सर्वोत्तम।
About the author
Acharya Vinaya Kapoor · M.A. Sanskrit, Mantra & Stotra Studies
Acharya Vinaya holds an M.A. in Sanskrit from Banaras Hindu University and writes the mantra and stotra commentary on Vandnaa. Her focus is on accurate pronunciation, traditional context, and helping modern readers connect with classical texts.
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