लक्ष्मी पूजा का सही दिन क्यों ज़रूरी है?
लक्ष्मी जी 8 प्रकार की समृद्धि की देवी हैं – अष्टलक्ष्मी। वे चंचला हैं, इसलिए सही दिन, समय, विधि और स्वच्छता ज़रूरी है। शुक्रवार सबसे शुभ है, लेकिन कुछ विशेष तिथियाँ 100 गुना ज़्यादा शक्तिशाली हैं।
शुक्रवार लक्ष्मी जी का मुख्य दिन क्यों है?
शुक्रवार सबसे शुभ क्यों – (1) शुक्र ग्रह का दिन, (2) श्री सूक्तम का सिद्ध दिन, (3) 16 शुक्रवार व्रत का चक्र, (4) चंचला लक्ष्मी इस दिन भक्तों के घर आती हैं, (5) Sacred numerology। कपड़े सफेद/गुलाबी, भोग खीर/मखाना, mantra ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं।
साल के 8 सबसे शुभ लक्ष्मी पूजा के दिन
8 विशेष लक्ष्मी पूजा तिथियाँ: (1) दिवाली, (2) धनतेरस, (3) शरद पूर्णिमा (लक्ष्मी जन्मदिन), (4) अक्षय तृतीया, (5) वरलक्ष्मी व्रत, (6) महालक्ष्मी व्रत 16 दिन, (7) नवरात्रि अष्टमी, (8) हर पूर्णिमा। 2026 की मुख्य तिथियाँ: दिवाली 9 नवंबर, धनतेरस 7 नवंबर, शरद पूर्णिमा 25 अक्टूबर।
लक्ष्मी पूजा कब करें – सही समय की विधि

लक्ष्मी पूजा शाम को – Pradosh Kaal (सूर्यास्त के 1.5 घंटे बाद, ~6-8 PM) सबसे श्रेष्ठ। 4 timings: संध्या, प्रदोष (सर्वश्रेष्ठ), निशिथ, स्थिर लग्न। दिवाली पर प्रदोष में स्थिर लग्न। दोपहर 12-1, राहु काल और ग्रहण में नहीं।
16 शुक्रवार व्रत की पूरी विधि
16 शुक्रवार व्रत: 1.5 घंटे की पूजा हर शुक्रवार – स्नान, गणेश पूजा, लक्ष्मी पूजा (हल्दी-कुमकुम, फूल, खीर भोग), 108 बार मंत्र, कनकधारा स्तोत्र, आरती, कथा, प्रसाद। फलाहार, नमक नहीं, तामसिक भोजन नहीं। 17वें शुक्रवार उद्यापन – 16 लोगों को न्योता और प्रसाद। 8-12 हफ्ते में result दिखता है।
❌ 8 गलतियाँ जो समृद्धि को रोकती हैं
8 गलतियाँ: (1) गंदा घर, (2) रात में जूठे बर्तन, (3) पूजा के बाद गुस्सा, (4) धन्यवाद नहीं, (5) दान नहीं, (6) टूटी मूर्ति, (7) दक्षिण दिशा में पूजा, (8) रात में पैसा गिनना। ✅ तोरण, अनाज भरा डिब्बा, तुलसी, खाली wallet नहीं, शुक्रवार को कुछ नया खरीदें।
निष्कर्ष – आज से शुरुआत करें

Best day शुक्रवार, best time प्रदोष काल (6-8 PM), best mantra ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः, best flower कमल। 3-step plan: Week 1-2 (daily दीपक), Week 3-4 (Friday special), Month 2+ (16 शुक्रवार व्रत)। ईमानदारी + दान + श्रद्धा = असली लक्ष्मी पूजा।
पाठकों के प्रश्न
लक्ष्मी जी की पूजा का सबसे शुभ दिन?+
शुक्रवार weekly best, सालाना: दिवाली, धनतेरस, शरद पूर्णिमा, अक्षय तृतीया।
लक्ष्मी पूजा सुबह या शाम?+
शाम को – प्रदोष काल (6-8 PM) सबसे शुभ। दिवाली पर विशेष।
क्या रोज़ लक्ष्मी पूजा कर सकते हैं?+
हाँ, रोज़ कम से कम एक दीपक + 11 बार मंत्र। शुक्रवार बड़ी पूजा।
16 शुक्रवार व्रत क्या है?+
16 शुक्रवार लगातार लक्ष्मी पूजा + फलाहार। 17वें शुक्रवार उद्यापन। 8-12 हफ्ते में result।
Which direction should I face during Lakshmi Puja?+
हमेशा पूर्व मुख। उत्तर भी ठीक है। दक्षिण कभी नहीं।
लक्ष्मी जी के प्रिय फूल और भोग?+
फूल: कमल (best), सफेद चंपा, गुलाब। भोग: खीर, मखाना, सफेद मिठाई, इलायची।
About the author
Pandit Mahesh Trivedi · Festival Traditions & Panchang
Pandit Mahesh leads the festival-date and Panchang content on Vandnaa. He cross-references multiple regional panchangs (Drik, Vaishnava, Bengali, Marathi) for every festival date published on the site.
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