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शिव जी की पूजा किस दिन करें? – सोमवार, महाशिवरात्रि, श्रावण और प्रदोष व्रत की पूरी विधि
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शिव जी की पूजा किस दिन करें? – सोमवार, महाशिवरात्रि, श्रावण और प्रदोष व्रत की पूरी विधि

13 मिनट पढ़ेंअद्यतन फ़रवरी 13, 2026
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By Pandit Mahesh Trivedi · Festival Traditions & Panchang

Reviewed by Pandit Ravindra Sharma · Vedic Rituals & Bhakti, 22+ years

शिव पूजा का सही दिन क्यों ज़रूरी है?

शिव जी 'आशुतोष' हैं – शीघ्र प्रसन्न होते हैं। लेकिन सोमवार, प्रदोष, महाशिवरात्रि और श्रावण मास में पूजा का असर 100-1000 गुना ज़्यादा है। इन दिनों में शिव-तत्व सबसे प्रबल होता है।

सोमवार – शिव जी का मुख्य दिन क्यों?

सोमवार शिव-दिवस क्यों: (1) सोम = चंद्रमा, शिव चंद्रशेखर हैं, (2) मन का स्वामी चंद्र, मानसिक शांति के लिए, (3) 4 प्रकार के सोमवार व्रत का विधान, (4) सोमवती अमावस्या extra powerful, (5) माँ पार्वती की तपस्या का स्मरण – अच्छे वर के लिए। कपड़े सफेद, तिलक चंदन/भस्म, भोग दूध-खीर।

साल के 6 सबसे शक्तिशाली शिव पूजा दिन

6 सबसे शुभ शिव पूजा दिन: (1) महाशिवरात्रि – साल का सबसे बड़ा दिन (4 प्रहर पूजा), (2) प्रदोष व्रत – हर महीने 2 बार, (3) श्रावण मास – पूरा सावन (4-5 सोमवार), (4) सोमवती अमावस्या, (5) कार्तिक मास, (6) हर माह की शिवरात्रि। 2026: श्रावण 27 जुलाई - 24 अगस्त।

प्रदोष व्रत – शिव पूजा का छुपा हुआ रत्न

प्रदोष व्रत – शिव पूजा का छुपा हुआ रत्न

प्रदोष व्रत = सूर्यास्त के समय शिव पूजा (नटराज नृत्य का समय)। हर महीने 2 बार त्रयोदशी को। 7 प्रकार – सोम प्रदोष सबसे शक्तिशाली। उपवास, अभिषेक, बेलपत्र, महामृत्युंजय 108 बार, प्रदोष कथा, आरती। 100 गायों के दान का फल। 11 प्रदोष continuous most effective।

अभिषेक के 11 द्रव्य – कौनसा कब और क्यों?

अभिषेक के 11 द्रव्य: जल (शांति), दूध (चंद्र दोष), शहद (मधुरता), दही (संतान), घी (स्वास्थ्य-धन), शक्कर (दु:ख निवारण), गंगाजल (पाप शुद्धि), नारियल पानी (समृद्धि), गन्ना (मधुर रिश्ते), भांग (तंत्र), इत्र (आकर्षण)। बेलपत्र: 3 पत्ती, ulta side, ताज़ी ही, 11/21/108।

❌ शिव पूजा में 8 गलतियाँ – ये कभी न करें

8 गलतियाँ: (1) तुलसी न चढ़ाएं (विष्णु को है), (2) केतकी फूल वर्जित, (3) शंख से जल नहीं, (4) हल्दी सीधे शिवलिंग पर नहीं, (5) टूटा अक्षत न चढ़ाएं, (6) पूरी 360° प्रदक्षिणा नहीं – अर्ध-प्रदक्षिणा, (7) रात में बेलपत्र न तोड़ें, (8) भस्म पूरे शरीर पर बिना दीक्षा नहीं। चमड़ा-जूते पास नहीं, शिवलिंग नंगे हाथ से नहीं छूते।

निष्कर्ष – आज से शुरुआत

निष्कर्ष – आज से शुरुआत

Best day सोमवार, best time ब्रह्म मुहूर्त या प्रदोष काल, best mantra ॐ नमः शिवाय + महामृत्युंजय, best offering जल + बेलपत्र। 3-step plan: Week 1-2 (daily जल), Week 3-8 (सोमवार + प्रदोष), Month 3+ (16 सोमवार + महाशिवरात्रि + श्रावण)। शिव जी आशुतोष हैं – सच्चा भाव ही काफी है।

पाठकों के प्रश्न

शिव जी की पूजा का सबसे शुभ दिन?+

सोमवार। समय: ब्रह्म मुहूर्त (4-6 AM) या प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद)।

शिव जी पर क्या नहीं चढ़ाएं?+

तुलसी, केतकी, हल्दी, शंख से जल, टूटा अक्षत – ये 5 वर्जित हैं।

16 सोमवार व्रत क्या है?+

16 सोमवार लगातार शिव-पार्वती पूजा + उपवास। श्रावण से शुरू। 17वें सोमवार उद्यापन।

क्या रोज़ शिव पूजा कर सकते हैं?+

हाँ, रोज़ कर सकते हैं। नर्मदेश्वर या स्फटिक शिवलिंग घर के लिए, अंगूठे जितना। रोज़ अभिषेक।

प्रदोष व्रत क्या है?+

हर माह त्रयोदशी सूर्यास्त के समय शिव पूजा + उपवास। सोम प्रदोष सबसे powerful।

महाशिवरात्रि 4 प्रहर पूजा?+

4 प्रहर अलग-अलग द्रव्य: दूध, दही, घी, शहद। पूरी रात जागरण और जाप। 2027: 7 मार्च।

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About the author

Pandit Mahesh Trivedi · Festival Traditions & Panchang

Pandit Mahesh leads the festival-date and Panchang content on Vandnaa. He cross-references multiple regional panchangs (Drik, Vaishnava, Bengali, Marathi) for every festival date published on the site.

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