द्वारका धाम और भगवान द्वारकाधीश
गुजरात के पश्चिमी तट पर स्थित द्वारका, द्वारकाधीश मंदिर का घर है, जो भारत के चार धामों में से एक है।
यहाँ भगवान कृष्ण को द्वारकाधीश, अर्थात द्वारका के स्वामी, के रूप में पूजा जाता है, उस नगरी में जिसे परंपरा के अनुसार उन्होंने मथुरा छोड़ने के बाद अपने राज्य के रूप में स्थापित किया था।
इतिहास और कथा
परंपरा बताती है कि मथुरा की घटनाओं के बाद भगवान कृष्ण यादव कुल को लेकर पश्चिमी तट पर आए और द्वारका में एक नई राजधानी स्थापित की, यह नगरी देव शिल्पी विश्वकर्मा की सहायता से बनी बताई जाती है।
आज खड़ा मंदिर सदियों में विस्तारित माना जाता है, परंपरा इसकी स्थापना को कृष्ण के प्रपौत्र वज्रनाभ से भी जोड़ती है।
चार धाम में महत्व
चार धामों में द्वारका का स्थान भारत की पवित्र तीर्थ भूगोल में पश्चिम बिंदु का प्रतिनिधित्व करता है। श्रद्धालु यहाँ समृद्धि, बुद्धि और उस स्नेहपूर्ण कृपा के लिए प्रार्थना करते हैं जिसके लिए कृष्ण को भगवद्गीता और पुराण परंपरा में सदा स्मरण किया जाता है।
द्वारका हिंदू परंपरा के सात सबसे पवित्र नगरों, सप्त पुरी में से भी एक है।
यात्रा गाइड: अनुष्ठान और निकटवर्ती मंदिर

मंदिर में प्रातःकालीन मंगला आरती से लेकर रात्रि की शयन आरती तक कई आरतियों का परंपरागत दैनिक क्रम चलता है।
श्रद्धालु प्रायः मुख्य मंदिर के दर्शन के साथ निकट स्थित नागेश्वर ज्योतिर्लिंग और बेट द्वारका, जो कृष्ण के निवास से जुड़ा द्वीप है, भी जाते हैं। श्रद्धालुओं को यात्रा से पहले मंदिर की प्रकाशित समय-सारणी देख लेनी चाहिए।
द्वारका कैसे पहुँचें
द्वारका का अपना रेलवे स्टेशन है जो भारत के प्रमुख शहरों से जुड़ा है, और निकटतम हवाई अड्डा जामनगर में है, जो सड़क मार्ग से लगभग दो घंटे की दूरी पर है।
जप हेतु मंत्र और सार
श्रद्धालु यहाँ पूजा में ॐ नमो भगवते वासुदेवाय और द्वारकाधीश की जय का जाप करते हैं। सरल अर्थ - सभी प्राणियों में निवास करने वाले भगवान को प्रणाम।
चार धाम में द्वारका का स्थान यह स्मरण कराता है कि सांसारिक कर्तव्य और राजपाट के बीच भी भक्ति कृष्ण के हृदय में सदा बनी रही - पूजा एक विश्वास और प्रेम का कार्य है, कोई सौदा नहीं।
भक्तों के सामान्य प्रश्न
द्वारका चार धाम का भाग क्यों है?+
गुजरात में द्वारकाधीश मंदिर का घर द्वारका, भारत की परंपरागत चार धाम तीर्थयात्रा में पश्चिम बिंदु का प्रतिनिधित्व करता है।
परंपरा के अनुसार द्वारका की स्थापना किसने की?+
परंपरा के अनुसार भगवान कृष्ण ने मथुरा छोड़ने के बाद द्वारका को अपनी राजधानी के रूप में स्थापित किया, जो विश्वकर्मा की सहायता से बनी बताई जाती है।
द्वारका के निकट और कौन से मंदिर देखे जाते हैं?+
श्रद्धालु प्रायः निकट स्थित नागेश्वर ज्योतिर्लिंग और बेट द्वारका जाते हैं, जो परंपरागत रूप से कृष्ण के निवास से जुड़ा द्वीप है।
About the author
Pandit Ravindra Sharma · Vedic Rituals & Bhakti, 22+ years
Pandit Ravindra is the Vandnaa editorial team's resident specialist on aarti, chalisa, and daily devotion. He has performed home and temple pujas across Varanasi and Delhi for over two decades and contributes the bhakti-focused articles on this site.
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