← सभी ब्लॉगRead in English7 मिनट पढ़ें
गणेश चतुर्थी के लिए 5 पारंपरिक मोदक रेसिपी
Vrat & Festivals

गणेश चतुर्थी के लिए 5 पारंपरिक मोदक रेसिपी

7 मिनट पढ़ेंप्रकाशित अगस्त 14, 2026
MT

By Pandit Mahesh Trivedi · Festival Traditions & Panchang

Reviewed by Anjali Mehta · Editor, M.A. Religious Studies

मोदक गणेश जी का प्रिय भोग क्यों है

रेसिपी से पहले समझें कि यह मिठाई गणेश पूजा में इतनी केंद्रीय क्यों है।

शाब्दिक अर्थ: 'मोदक' संस्कृत मूल से आया है, जिसका अर्थ 'आनंद देने वाला' है। नरम बाहरी परत व मीठी नारियल-गुड़ भराई वाली यह मिठाई हर कौर में खुशी देने हेतु बनी है।

पौराणिक जुड़ाव: कई पुराण कथाएं मोदक को गणेश जी का प्रिय भोजन बताती हैं, चित्रों में वे इसे बाएं हाथ में पकड़े दिखते हैं। एक प्रसिद्ध कथा में पार्वती से अनगिनत मोदक का वरदान पाकर गणेश जी इतना खा गए कि पेट पर सांप बांधना पड़ा।

21 का महत्व: मोदक अक्सर 21 की संख्या में अर्पित किए जाते हैं, गणेश पूजा में शुभ संख्या।

विविधता क्यों: क्लासिक उकडीचे सबसे पारंपरिक है, पर क्षेत्रीय रचनात्मकता से कई समान रूप से प्रिय विविधताएं बनीं।

1. उकडीचे मोदक: क्लासिक स्टीम्ड मूल रेसिपी

उकडीचे मोदक (मराठी में 'स्टीम्ड मोदक') सबसे पारंपरिक व महाराष्ट्र के गणेशोत्सव से सर्वाधिक जुड़ा रूप है।

भराई हेतु: 1 कप ताजा नारियल, 3/4 कप गुड़, 1/4 चम्मच इलायची पाउडर, चुटकी जायफल, 1 चम्मच घी। नारियल-गुड़ को धीमी आंच पर 8-10 मिनट पकाएं जब तक गाढ़ा न हो, इलायची मिलाकर ठंडा करें।

बाहरी परत हेतु: 1 कप चावल आटा, 1 कप पानी, 1/2 चम्मच घी, चुटकी नमक। पानी-घी-नमक उबालें, चावल आटा डालकर तुरंत मिलाएं, ढककर 2-3 मिनट रखें, गर्म रहते चिकना गूंथें।

आकार व स्टीमिंग: छोटी लोई चपटी करें, बीच में भराई रखें, किनारे मोड़कर पारंपरिक नुकीला आकार दें, चिकनी प्लेट/इडली स्टैंड पर 10-12 मिनट स्टीम करें जब तक परत हल्की चमकदार-पारदर्शी न हो।

परोसना: गर्म, ऊपर घी की धार संग, गणेश चतुर्थी सुबह पहला भोग।

2. तला मोदक (तळणीचे मोदक): कुरकुरा व टिकाऊ

तळणीचे मोदक (तला हुआ) स्टीमिंग तकनीक की जगह कुरकुरे सुनहरे खोल संग आता है, गणेशोत्सव के कई दिनों तक टिकने वाला व्यावहारिक विकल्प।

बाहरी परत: 1.5 कप मैदा, 2 बड़े चम्मच घी (मोयन), आवश्यकतानुसार पानी, चुटकी नमक। मैदा-नमक-घी मिलाकर पानी से सख्त, चिकना आटा गूंथें, पूरी आटे जैसा। 20-30 मिनट ढककर रखें।

भराई: 1 कप नारियल, 3/4 कप चीनी/गुड़, 1/4 कप कटे मेवे, कुछ किशमिश, 1/4 चम्मच इलायची। नारियल-चीनी हल्का भूनें जब तक सुनहरा न हो, मेवे-इलायची मिलाएं।

आकार व तलना: पतली पूरी बेलें, भराई भरकर किनारे मजबूती से बंद करें, मध्यम आंच पर सुनहरा-कुरकुरा तलें।

अधिक क्यों टिकता है: तलने से नमी निकल जाती है, तेल परिरक्षक का काम करता है, 5-7 दिन तक कमरे तापमान पर टिकता है।

3. चॉकलेट मोदक: आधुनिक बिना पकाए विकल्प

3. चॉकलेट मोदक: आधुनिक बिना पकाए विकल्प

चॉकलेट मोदक मोदक परिवार का आधुनिक जोड़ है, बच्चों व त्वरित बिना पकाए विकल्प चाहने वालों में लोकप्रिय।

सामग्री: 1.5 कप चॉकलेट (डार्क/मिल्क), 1/2 कप मिल्क पाउडर, 2-3 बड़े चम्मच दूध/क्रीम, 1/4 कप कटे मेवे (वैकल्पिक), मोदक मोल्ड।

विधि: चॉकलेट डबल-बॉयलर/माइक्रोवेव में धीरे पिघलाएं। मिल्क पाउडर व दूध थोड़ा-थोड़ा मिलाकर नरम, ढलने योग्य मिश्रण बनाएं। चाहें तो मेवे भराई रूप में भरें या पूरे मिश्रण में मिलाएं। मोल्ड चिकना कर मिश्रण दबाकर भरें, 20-30 मिनट फ्रिज में जमाएं, धीरे निकालें।

इतना लोकप्रिय क्यों: न चूल्हा, न स्टीमिंग, न तलना - सिर्फ पिघलाना व ढालना, बच्चे भी निगरानी में मदद कर सकते हैं।

सुझाव: मोल्ड उपयोग से सबसे स्पष्ट, एकसमान आकार मिलता है।

4. ड्राई-फ्रूट मोदक: कम चीनी वाला बिना पकाए विकल्प

ड्राई-फ्रूट मोदक स्वास्थ्य-सचेत परिवारों व व्रत रखने वालों की पसंद है, चीनी-गुड़ के बजाय खजूर प्राकृतिक मिठास देता है।

सामग्री: 1 कप बीज रहित खजूर, 1/2 कप बादाम, 1/2 कप काजू, 1/4 कप पिस्ता, 2 बड़े चम्मच घी, 1/4 चम्मच इलायची, केसर (वैकल्पिक)।

विधि: मेवे हल्का भूनें, ठंडा कर मोटा पीस लें। खजूर अलग गाढ़ा पेस्ट बना लें। घी गर्म कर खजूर पेस्ट 3-4 मिनट पकाएं जब तक चमकदार न हो। मेवे-इलायची-केसर मिलाएं। गर्म रहते मोल्ड या हाथ से पारंपरिक आकार दें। कमरे तापमान/फ्रिज में 30 मिनट जमने दें।

कई आहार हेतु उपयुक्त क्यों: प्राकृतिक मिठास, बिना परिष्कृत चीनी - व्रत हेतु उपयुक्त, इस सूची का सबसे बहुमुखी विकल्प।

🪈 और व्रत-अनुकूल रेसिपी वंदना ऐप में पाएं।

5. मावा मोदक: समृद्ध स्टीम्ड विविधता

मावा मोदक (खोया मोदक) चावल-आटा आधारित उकडीचे से अलग, दूध-आधारित समृद्ध स्टीम्ड विकल्प है।

सामग्री: 2 कप मावा/खोया (ताजा), 3/4 कप पिसी चीनी, 1/4 कप मिल्क पाउडर, 1/4 चम्मच इलायची, गार्निश हेतु पिस्ता-केसर, 1 चम्मच घी।

विधि: भारी तले की कढ़ाई में मावा धीमी आंच पर 4-5 मिनट पकाएं। पिसी चीनी मिलाकर 3-4 मिनट और पकाएं जब तक किनारे छोड़ने लगे। आंच से उतार मिल्क पाउडर-इलायची मिलाएं, ठंडा होने पर गूंथें। मोल्ड में घी लगाकर मिश्रण दबाकर भरें, धीरे निकालें, पिस्ता-केसर से सजाएं। 15-20 मिनट फ्रिज में जमाएं।

उकडीचे से अंतर: अलग भराई-परत नहीं, पूरा मोदक एक समृद्ध मिश्रण है - पेड़ा जैसी बनावट। फ्रिज में 3-4 दिन टिकता है।

त्वरित उत्तर

गणेश चतुर्थी हेतु सबसे पारंपरिक मोदक रेसिपी कौन सी है?+

उकडीचे मोदक, नारियल-गुड़ भराई संग चावल-आटे का स्टीम्ड मोदक, सबसे पारंपरिक व महत्वपूर्ण माना जाता है, महाराष्ट्र के गणेशोत्सव का केंद्रीय भाग। यह सामान्यतः स्थापना दिवस का पहला भोग होता है।

बिना फ्रिज कौन सा मोदक सबसे अधिक टिकता है?+

तला मोदक (तळणीचे मोदक) कमरे तापमान पर सबसे अधिक, 5-7 दिन टिकता है, क्योंकि तलने से नमी निकल जाती है। उकडीचे जैसे स्टीम्ड मोदक 1-2 दिन में खा लेने चाहिए।

क्या बिना मोल्ड के मोदक बना सकते हैं?+

हाँ, पारंपरिक उकडीचे व तला मोदक दोनों हाथ से आकार दिए जाते हैं, आटे को भराई के चारों ओर मोड़कर ऊपर नुकीला किया जाता है। मोल्ड मुख्यतः चॉकलेट व मावा मोदक हेतु उपयोग होते हैं, पर कोई भी अनिवार्य नहीं।

व्रत रखने वाले परिवार हेतु कौन सी मोदक रेसिपी सर्वश्रेष्ठ है?+

ड्राई-फ्रूट मोदक सामान्यतः सबसे व्रत-अनुकूल है, केवल खजूर, मेवे व घी - बिना अनाज या परिष्कृत चीनी। अपने विशेष व्रत नियम की पुष्टि जरूर करें।

पूजा में गणेश जी को कितने मोदक अर्पित करने चाहिए?+

21 मोदक सबसे प्रचलित पारंपरिक संख्या है, गणेश पूजा में विशेष शुभ मानी जाती है, पर श्रद्धा से एक मोदक अर्पित करना भी पूर्णतः स्वीकार्य है। कई घर विस्तृत पूजा दिनों में 21 व सामान्य दिनों में कम अर्पित करते हैं।

क्या बच्चे घर पर मोदक बनाने में मदद कर सकते हैं?+

हाँ, विशेषतः चॉकलेट व ड्राई-फ्रूट संस्करण, जिनमें मुख्य मिश्रण वयस्क द्वारा तैयार होने के बाद चूल्हे-गर्म तेल की जरूरत नहीं। मोल्ड में आकार देना बच्चों हेतु सुरक्षित, मजेदार गतिविधि है।

MT

About the author

Pandit Mahesh Trivedi · Festival Traditions & Panchang

Pandit Mahesh leads the festival-date and Panchang content on Vandnaa. He cross-references multiple regional panchangs (Drik, Vaishnava, Bengali, Marathi) for every festival date published on the site.

Meet the Vandnaa editorial team →

Listen all aartis, mantras & bhajans in one place.

Download Vandnaa App.

Download Now

Explore on Vandnaa

संबंधित लेख