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झंडेवालान देवी मंदिर: दिल्ली का भव्य देवी धाम
Pilgrimage

झंडेवालान देवी मंदिर: दिल्ली का भव्य देवी धाम

7 मिनट पढ़ेंप्रकाशित मई 12, 2026
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By Pandit Mahesh Trivedi · Festival Traditions & Panchang

Reviewed by Acharya Vinaya Kapoor · M.A. Sanskrit, Mantra & Stotra Studies

झंडेवालान देवी मंदिर में किसकी पूजा होती है

दिल्ली के झंडेवालान मेट्रो स्टेशन के पास शहर का एक अत्यंत पहचाना जाने वाला देवी धाम स्थित है, जिसकी पहचान इसके प्रवेश द्वार पर बना विशाल देवी मुखड़ा है। यह मंदिर देवी को उनके विश्वमाता स्वरूप में समर्पित है, जिन्हें यहां आदि शक्ति के रूप में पूजा जाता है।

यह दिल्ली के सबसे प्राचीन मंदिरों में गिना जाता है, जिसका इतिहास भक्त एक शताब्दी से भी अधिक पुराना मानते हैं।

मंदिर का इतिहास और कथा

लोकप्रिय परंपरा के अनुसार, इस मंदिर की उत्पत्ति एक भक्त से जुड़ी है, जिसने कई पीढ़ियों पहले इस क्षेत्र में खुदाई करते समय देवी का स्वयंभू पाषाण स्वरूप पाया था। इसके चारों ओर एक छोटा मंदिर बनाया गया, जो समय के साथ आज के विशाल मंदिर परिसर में बदल गया।

झंडेवालान नाम उन अनेक झंडों से जुड़ा माना जाता है, जो भक्तों ने दशकों से अपनी मन्नत और कृतज्ञता के प्रतीक स्वरूप यहां अर्पित किए हैं।

महत्व और भक्तों की श्रद्धा

भक्त झंडेवालान में परिवार में सौहार्द्र, नए कार्यों में सफलता और व्यक्तिगत कठिनाइयों से राहत की कामना लेकर आते हैं। कई भक्त यहां मन्नत के रूप में झंडा या धागा बांधते हैं, और परंपरा के अनुसार प्रार्थना पूर्ण होने पर पुनः आकर एक और झंडा अर्पित करते हैं।

नवरात्रि के दौरान यह मंदिर विशेष रूप से जीवंत रहता है, जहां शहर भर और उससे बाहर से भी भक्तों की लंबी कतारें लगती हैं।

दर्शन मार्गदर्शिका और समय

दर्शन मार्गदर्शिका और समय

यह मंदिर सामान्यतः सुबह जल्दी खुलता है और दिन के अधिकांश समय खुला रहता है, और निश्चित समय पर आरती होती है। नवरात्रि के दौरान भक्तों की बड़ी संख्या को देखते हुए समय अक्सर बढ़ा दिया जाता है।

श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि विशेषकर सुबह जल्दी या किसी बड़े पर्व के दौरान यात्रा से पहले वर्तमान समय की जानकारी ले लें।

झंडेवालान देवी मंदिर कैसे पहुंचें

यह मंदिर ब्लू लाइन के झंडेवालान मेट्रो स्टेशन से सीधे जुड़ा है, जिससे यह दिल्ली के सबसे सुगम मंदिरों में से एक बन जाता है। यह शहर के हर हिस्से से सड़क मार्ग द्वारा भी भली-भांति जुड़ा हुआ है।

दिल्ली का हवाई अड्डा और प्रमुख रेलवे स्टेशन अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए शहर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ते हैं।

जप हेतु मंत्र और सार

झंडेवालान में भक्त प्रायः ॐ जयंती मंगला काली अथवा सरल मंत्र ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडाये नमः का जप करते हुए प्रार्थना करते हैं।

इस मंदिर में लहराते अनगिनत झंडे, जो आशा या कृतज्ञता में बांधे गए हैं, भक्तों को स्मरण कराते हैं कि श्रद्धा सबसे बेहतर धैर्य और सच्चाई से प्रकट होती है, और पूजा एक व्यापार नहीं बल्कि प्रेम और विश्वास का कार्य है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झंडेवालान देवी मंदिर में क्या विशेष है?+

यह मंदिर अपने प्रवेश द्वार पर बने देवी के विशाल मुखड़े और भक्तों द्वारा मन्नत स्वरूप बांधे जाने वाले अनगिनत झंडों के लिए जाना जाता है।

झंडेवालान मंदिर कितना पुराना है?+

भक्त इसका इतिहास एक शताब्दी से भी अधिक पुराना मानते हैं, जिससे यह दिल्ली के सबसे प्राचीन जीवंत देवी धामों में से एक बन जाता है।

झंडेवालान देवी मंदिर कैसे पहुंचा जा सकता है?+

यह मंदिर ब्लू लाइन के झंडेवालान मेट्रो स्टेशन से सीधे जुड़ा है, और दिल्ली भर से सड़क मार्ग द्वारा भी पहुंचा जा सकता है।

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About the author

Pandit Mahesh Trivedi · Festival Traditions & Panchang

Pandit Mahesh leads the festival-date and Panchang content on Vandnaa. He cross-references multiple regional panchangs (Drik, Vaishnava, Bengali, Marathi) for every festival date published on the site.

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