जीवदानी माता कौन हैं
पालघर जिले के विरार नगर से ऊपर एक पहाड़ी पर विराजमान जीवदानी माता को मातृ शक्ति के करुणामय, जीवनदायी स्वरूप में पूजा जाता है। उनका नाम स्वयं जीवनदान का स्मरण कराता है, और वे मुंबई महानगर क्षेत्र भर से भक्तों को आकर्षित करती हैं।
एक लंबी चढ़ाई के शीर्ष पर स्थित उनका मंदिर महाराष्ट्र के इस क्षेत्र के सबसे अधिक दर्शनार्थियों वाले पहाड़ी मंदिरों में से एक बन गया है।
इतिहास और कथा
मान्यता है कि यह पहाड़ी लंबे समय से देवी की कृपा का स्थान मानी जाती रही है, जहां संकट में पड़े भक्तों ने उनके आशीर्वाद से राहत पाई।
पीढ़ियों के दौरान, यह मंदिर एक साधारण पहाड़ी मंदिर से उपनगरीय क्षेत्र के एक प्रमुख तीर्थ स्थल में विकसित हुआ, जिसकी कथा किसी लिखित अभिलेख से अधिक हर वर्ष यहां लौटने वाले परिवारों की निरंतर श्रद्धा से आगे बढ़ती रही है।
महत्व और भक्तों की मनोकामनाएं
भक्त जीवदानी माता से निम्नलिखित के लिए प्रार्थना करते हैं:
- अच्छा स्वास्थ्य और रोग में राहत
- परिवार और प्रियजनों की सुरक्षा
- कठिन समय में शक्ति
- जीवनदाता के रूप में उनकी निरंतर कृपा
अनेक भक्त इस खड़ी चढ़ाई को नंगे पांव पूरा करते हैं, इस शारीरिक प्रयास को स्वयं श्रद्धा का अर्पण मानते हुए।
दर्शन मार्गदर्शिका: समय और त्योहार

मंदिर में प्रातः से रात्रि तक आरती का क्रम चलता है, और दिन भर श्रद्धालुओं के लिए सीढ़ियां खुली रहती हैं।
नवरात्रि के दौरान सीढ़ियों को रोशनी और सजावट से सजाया जाता है, और विशेष रूप से अष्टमी और नवमी के दिन भक्तों की निरंतर धारा चढ़ती रहती है।
जीवदानी माता मंदिर कैसे पहुंचें
मंदिर पालघर जिले के विरार नगर के ऊपर स्थित है।
- निकटतम रेलवे स्टेशन: विरार, पहाड़ी की तलहटी में
- निकटतम हवाई अड्डा: मुंबई
- मार्ग: विरार स्टेशन से पहाड़ी तक रोपवे और सीढ़ीदार मार्ग दोनों उपलब्ध हैं।
जप हेतु मंत्र और सार
भक्त पहाड़ी चढ़ते हुए ॐ जीवदानी देव्यै नमः मंत्र का जप करते हैं।
उनका नाम ही, जीवनदान, भक्तों को स्मरण कराता है कि हर सांस कृपा है। यहां की आराधना श्रद्धा और प्रेम का कार्य है, कोई लेन-देन नहीं।
पाठकों के प्रश्न
जीवदानी माता नाम का क्या अर्थ है?+
उनका नाम जीवनदान का स्मरण कराता है, और भक्त उन्हें मातृ शक्ति के करुणामय, जीवनदायी स्वरूप में मानते हैं।
जीवदानी माता मंदिर तक पहुंचने के लिए कितनी सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं?+
मंदिर विरार के ऊपर एक लंबी पहाड़ी सीढ़ियों के शीर्ष पर स्थित है, और भक्त मार्ग के साथ चलने वाले रोपवे का भी उपयोग कर सकते हैं।
मुंबई से जीवदानी माता मंदिर कैसे पहुंचें?+
पहाड़ी की तलहटी में स्थित विरार स्टेशन मुंबई की उपनगरीय रेल सेवा से भलीभांति जुड़ा है; वहां से सीढ़ियों या रोपवे द्वारा मंदिर तक पहुंचा जा सकता है।
About the author
Pandit Mahesh Trivedi · Festival Traditions & Panchang
Pandit Mahesh leads the festival-date and Panchang content on Vandnaa. He cross-references multiple regional panchangs (Drik, Vaishnava, Bengali, Marathi) for every festival date published on the site.
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