कन्या संक्रांति क्या है + 2026 में तिथि
संक्रांति का अर्थ है 'संक्रमण' - विशेष रूप से, सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में जाना। कन्या संक्रांति तब है जब सूर्य सिंह से कन्या में जाता है।
कन्या संक्रांति 2026 विवरण:
- तिथि: गुरुवार, 17 सितंबर 2026।
- संक्रांति क्षण: लगभग सुबह 6:30 बजे IST।
- महा पुण्य काल: संक्रांति क्षण से 1 घंटा 36 मिनट पहले।
यह संक्रांति विशेष रूप से क्यों महत्वपूर्ण है:
1. विश्वकर्मा जयंती संयोग। 2. पितृ पक्ष आरंभ। 3. फसल संक्रमण। 4. ज्योतिषीय महत्व। 5. दान परंपरा।
कन्या संक्रांति के लिए स्नान, दान और पूजा विधि
चरण 1 - पवित्र स्नान:
- सूर्योदय से पहले (4-5:30 बजे) सबसे अच्छा।
- आदर्श: पवित्र नदी में स्नान।
- विकल्प: घर पर गंगाजल मिलाकर स्नान।
चरण 2 - सूर्य अर्घ्य।
चरण 3 - दान:
- तिल (तिल के बीज) - संक्रांति का प्रमुख दान।
- तेल।
- अनाज।
- कारीगरों को कपड़े।
- ज़रूरतमंद श्रमिकों को औज़ार।
- मंदिर को धन।
चरण 4 - विश्वकर्मा पूजा।
चरण 5 - पितृ तर्पण।
चरण 6 - विशेष सेवा।
चरण 7 - मंत्र जप।
क्या टालें:
- बाल या नाखून काटना।
- नए तर्क शुरू करना।
- मांसाहार।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या कन्या संक्रांति विश्वकर्मा जयंती के समान है या अलग त्योहार?+
वे एक ही दिन पड़ते हैं लेकिन तकनीकी रूप से अलग पालन हैं। कन्या संक्रांति ज्योतिषीय घटना है। विश्वकर्मा जयंती दिव्य वास्तुकार के जन्म का उत्सव है। एक ही तारीख, दो समानांतर पालन।
पितृ पक्ष कन्या संक्रांति के पास क्यों शुरू होता है?+
पितृ पक्ष भाद्रपद/आश्विन के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा (1वें दिन) से शुरू होता है। सूर्य का कन्या में जाना जीवित और पितृ लोक के बीच 'द्वार खोलता है' माना जाता है।
मैं एक गैर-बंगाली आईटी में काम करता हूँ - क्या मुझे कन्या संक्रांति का पालन करना चाहिए?+
हाँ, अगर आपकी रुचि है - पालन सार्वभौमिक है। आईटी पेशेवर के रूप में, आपका लैपटॉप/कीबोर्ड/मॉनिटर आपके आधुनिक 'औज़ार' हैं। 15 मिनट का सरल घरेलू पालन भी दिन को आध्यात्मिक रूप से सार्थक बनाता है।
क्या मैं कन्या संक्रांति पर बड़े वित्तीय लेनदेन कर सकता हूँ?+
हाँ नियमित लेनदेन के लिए, बड़े लोगों के लिए मिश्रित सलाह। संक्रांति के दिन: बचत शुरू करने, धन दान करने के लिए शुभ। टालें: नया घर खरीदना, बिल्कुल नया व्यवसाय शुरू करना।
About the author
Pandit Mahesh Trivedi · Festival Traditions & Panchang
Pandit Mahesh leads the festival-date and Panchang content on Vandnaa. He cross-references multiple regional panchangs (Drik, Vaishnava, Bengali, Marathi) for every festival date published on the site.
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