भगवान कार्तिकेय कौन - अनेक नाम
भगवान कार्तिकेय हिंदू ब्रह्मांडीय में सबसे अधिक नाम वाले देवताओं में से।
नाम - कार्तिकेय, मुरुगन, स्कंद, सुब्रह्मण्य, कुमार, षण्मुख, महासेन, वेलायुधन, ब्रह्मचारी, देवसेनापति।
जन्म कथा - दानव तारकासुर को वरदान कि केवल शिव-पुत्र मार सकता। शिव-पार्वती विवाह के बाद, छह बालक प्रकट हुए, पार्वती के आलिंगन से एक हुए - षण्मुख कार्तिकेय।
6 मुख का अर्थ - 5 इंद्रियाँ + 1 मन, 6 दिशाएँ, 6 चक्र, आत्मा के 6 शत्रु (काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद, मात्सर्य)।
तारकासुर वध, देव सेना के सेनापति।
महत्व - विजय के देवता, योद्धाओं/सैनिकों के रक्षक, साहस-दाता, बड़ी बाधाओं के नाशक, युवा-केंद्रित, तमिल परंपरा के प्रमुख देवता।
शक्तिशाली कार्तिकेय मंत्र
1. बीज मंत्र - 'ॐ शरवणभव।' तमिल परंपरा का सबसे प्रिय।
2. मानक - 'ॐ वं वं वज्र-वज्रे महासेन नमः।'
3. छह-मुख आह्वान - 'ॐ शरवणभवाय नमः।'
4. स्कंद गायत्री - 'ॐ तत्पुरुषाय विद्महे, महासेनाय धीमहि, तन्नो स्कंदः प्रचोदयात्।'
5. सुब्रह्मण्य भुजंगम् (शंकराचार्य द्वारा)।
6. षडक्षरी - 'ॐ श रा व ण भ व।' प्रत्येक अक्षर एक मुख।
दैनिक अभ्यास - 'ॐ शरवणभव' 108 बार। मंगलवार विशेष।
स्कंद षष्ठी व्रत - नवंबर 6 दिन। विजय की गारंटी।
6 पवित्र धाम (आरूपडै वीडु)
तमिलनाडु में 6 प्राचीन मुरुगन मंदिर - आरूपडै वीडु (छह युद्ध शिविर)।
1. पलनी - ज्ञान-फल खाया। आंडी (संन्यासी) रूप।
2. तिरुचेंदूर - सुरपद्म वध। सेनापति रूप।
3. स्वामीमलै - ब्रह्मा को ॐ का अर्थ सिखाया। गुरु रूप।
4. तिरुपरंकुनरम् - देवसेना से विवाह। विवाहित गृहस्थ रूप।
5. तिरुत्तानी - युद्ध के बाद शांति। शांत-मुरुगन।
6. पलमुदीरचोलै - अव्वैयार को रूप दिखाया। बाल-रूप।
तीर्थ परंपरा - सभी 6 दर्शन = सर्वोच्च मुरुगन तीर्थयात्रा।
अन्य - मरुदमलै, सुब्रह्मण्य (कर्नाटक), बातू केव्स (मलेशिया)।
घर पर मुरुगन पूजा विधि

सर्वोत्तम समय - ब्रह्म मुहूर्त। संध्या भी।
सर्वोत्तम दिन - मंगलवार। स्कंद षष्ठी (नवंबर 6 दिन)। कृत्तिका नक्षत्र (जन्म नक्षत्र)।
आवश्यक - मुरुगन मूर्ति (वेल/भाला सहित), पीला/केसरिया कपड़ा, पीले/लाल फूल (चमेली, गेंदा), विभूति, घी का दीया, कपूर, अक्षत, पंचामिर्तम भोग, मोर पंख।
चरण - 1. पीला/केसरिया वस्त्र 2. पूर्व मुख 3. संकल्प 4. विभूति तिलक (3 क्षैतिज रेखाएँ) 5. घी का दीया 6. फूल + मोर पंख 7. 'ॐ शरवणभव' 108 बार 8. पंचामिर्तम भोग 9. आरती
स्कंद षष्ठी व्रत - नवंबर 6 दिन उपवास। स्कंद षष्ठी कवचम पाठ।
सख्ती से शाकाहारी।
मुरुगन की पूजा कब
परीक्षा सफलता। न्यायालय मामले। युवा करियर चुनौतियाँ। सशस्त्र बल/पुलिस। खेल विजय। क्रोनिक बाधाएँ। अविवाहित-बहुत-लंबे पैटर्न। युवाओं के स्वास्थ्य संकट। तमिल प्रवासी परिवार। गैर-तमिल भक्त।
सामान्य गलतियाँ
गलतियाँ -
- व्रत में मांसाहार
- काला पहनना
- विभूति तिलक छोड़ना
- तमिल मंत्र न सीखना
- सहज पूजा
- पूजा के बाद मांसाहार
- स्कंद षष्ठी छोड़ना
- मोर पंख न
- तमिल गलत उच्चारण
- केवल 'तमिल देवता' मानना
तीन स्तर -
- स्तर 1 - साप्ताहिक मंगलवार
- स्तर 2 - दैनिक मंत्र
- स्तर 3 - स्कंद षष्ठी भक्त
अंतिम चिंतन - मुरुगन शाश्वत युवा आत्मा के देवता।
इस मंगलवार शुरू करें।
वेल मुरुगन! वेत्री वेल!
भक्तों के सामान्य प्रश्न
क्या उत्तर भारतीय पूजा कर सकते?+
बिल्कुल हाँ। मुरुगन सार्वभौमिक।
शुरुआती मंत्र?+
'ॐ शरवणभव' - 108 बार।
स्कंद षष्ठी कब?+
नवंबर। कार्तिक षष्ठी से 6 दिन पहले।
गणेश व कार्तिकेय में अंतर?+
दोनों शिव-पार्वती के पुत्र। गणेश बाधा-नाशक। कार्तिकेय विजय-दाता।
क्या स्त्रियाँ पूजा कर सकती?+
हाँ। माताएँ पुत्रों की सफलता हेतु विशेष पूजती।
क्या केवल शाकाहारी?+
हाँ - सख्ती से शाकाहारी।
About the author
Acharya Vinaya Kapoor · M.A. Sanskrit, Mantra & Stotra Studies
Acharya Vinaya holds an M.A. in Sanskrit from Banaras Hindu University and writes the mantra and stotra commentary on Vandnaa. Her focus is on accurate pronunciation, traditional context, and helping modern readers connect with classical texts.
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