← सभी ब्लॉगRead in English7 मिनट पढ़ें
मासिक दुर्गाष्टमी: मासिक दुर्गा व्रत, विधि और महत्व
Vrats

मासिक दुर्गाष्टमी: मासिक दुर्गा व्रत, विधि और महत्व

7 मिनट पढ़ेंप्रकाशित जून 18, 2026
MT

By Pandit Mahesh Trivedi · Festival Traditions & Panchang

Reviewed by Pandit Ravindra Sharma · Vedic Rituals & Bhakti, 22+ years

मासिक दुर्गाष्टमी क्या है?

मासिक दुर्गाष्टमी प्रत्येक चंद्र मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी (आठवीं तिथि) है, जो देवी दुर्गा को समर्पित है। यद्यपि सबसे बड़ी दुर्गाष्टमी शरद नवरात्रि (महा अष्टमी) में होती है, मासिक अष्टमी भक्तों को वर्ष भर माँ की उपासना का अवसर देती है।

व्रत रक्षा, साहस, कठिनाइयों पर विजय और सच्ची मनोकामना की पूर्ति के लिए रखा जाता है। दुर्गा, आदि शक्ति का योद्धा स्वरूप, भय हरती हैं और माँ की भाँति अपने भक्तों की रक्षा करती हैं।

मासिक दुर्गाष्टमी कब आती है?

मासिक दुर्गाष्टमी प्रत्येक चंद्र मास में एक बार शुक्ल पक्ष अष्टमी को आती है - वर्ष में बारह बार। हर माह सटीक तिथि बदलती है, इसलिए अपनी पूजा के निकटतम अष्टमी के लिए पंचांग देखें।

इनमें सबसे महत्वपूर्ण शरद नवरात्रि की महा अष्टमी / दुर्गा अष्टमी है (2026 में लगभग 19 अक्टूबर), जब दुर्गा की विशेष भव्यता से पूजा होती है।

मासिक दुर्गाष्टमी पूजा विधि

1. सुबह: जल्दी स्नान करें, लाल या स्वच्छ वस्त्र पहनें और व्रत का संकल्प लें। 2. पूजा स्थापना: माँ दुर्गा का चित्र रखें, घी या तिल के तेल का दीप जलाएँ, और लाल पुष्प (विशेषकर गुड़हल), रोली, अक्षत, सिंदूर और चूड़ियाँ अर्पित करें। 3. भोग: हलवा-पूरी, खीर या फल अर्पित करें; लाल वस्तुएँ और नारियल देवी को प्रिय हैं। 4. मंत्र जाप: 'ॐ दुं दुर्गायै नमः' जपें या दुर्गा चालीसा / दुर्गा सप्तशती के श्लोक पढ़ें। 5. कन्या पूजन: जहाँ संभव हो, छोटी कन्याओं को देवी के स्वरूप रूप में भोजन कराएँ और सम्मान दें - दिन का सबसे प्रिय कार्य। 6. फलाहार व्रत रखें, संध्या आरती करें, और सात्विक भोजन से व्रत तोड़ें।

मंत्र और लाभ

मंत्र और लाभ

सरल मंत्र: ॐ दुं दुर्गायै नमः रक्षा प्रार्थना: सर्वमंगलमांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके, शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तुते

लाभ:

  • भय, शत्रु और नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा
  • कठिनाइयों का सामना करने का साहस और बल
  • बाधा निवारण और सच्ची मनोकामना की पूर्ति
  • परिवार में शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि

सभी व्रतों की भाँति श्रद्धा सर्वाधिक महत्वपूर्ण है - स्वच्छ स्थान, स्थिर दीप, होठों पर माँ का नाम, और कन्याओं का सम्मान विस्तृत अनुष्ठान से अधिक दुर्गा को प्रसन्न करते हैं।

भक्तों के सामान्य प्रश्न

मासिक दुर्गाष्टमी कितनी बार आती है?+

मासिक दुर्गाष्टमी प्रत्येक चंद्र मास में एक बार शुक्ल पक्ष अष्टमी को आती है - वर्ष में बारह बार। सबसे महत्वपूर्ण शरद नवरात्रि की महा अष्टमी है (लगभग 19 अक्टूबर 2026)।

मासिक दुर्गाष्टमी पर क्या अर्पित करें?+

लाल पुष्प (विशेषकर गुड़हल), रोली, अक्षत, सिंदूर, चूड़ियाँ, नारियल और हलवा-पूरी या खीर का भोग अर्पित करें। लाल वस्तुएँ माँ दुर्गा को प्रिय हैं।

क्या मासिक दुर्गाष्टमी पर कन्या पूजन होता है?+

हाँ, जहाँ संभव हो। छोटी कन्याओं को देवी के स्वरूप रूप में भोजन कराना और सम्मान देना किसी भी दुर्गाष्टमी का प्रिय अंग है, मासिक सहित, यद्यपि यह नवरात्रि में सबसे भव्य होता है।

क्या नए लोग मासिक दुर्गाष्टमी व्रत रख सकते हैं?+

हाँ। नए लोग सरल फलाहार व्रत रख सकते हैं, दीप जला सकते हैं, लाल पुष्प अर्पित कर सकते हैं, 'ॐ दुं दुर्गायै नमः' जप सकते हैं और संध्या आरती कर सकते हैं। विस्तृत अनुष्ठान से अधिक श्रद्धा महत्वपूर्ण है।

MT

About the author

Pandit Mahesh Trivedi · Festival Traditions & Panchang

Pandit Mahesh leads the festival-date and Panchang content on Vandnaa. He cross-references multiple regional panchangs (Drik, Vaishnava, Bengali, Marathi) for every festival date published on the site.

Meet the Vandnaa editorial team →

Listen all aartis, mantras & bhajans in one place.

Download Vandnaa App.

Download Now

Explore on Vandnaa

संबंधित लेख