← सभी ब्लॉगRead in English9 मिनट पढ़ें
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय - अर्थ और लाभ
Mantras

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय - अर्थ और लाभ

9 मिनट पढ़ेंप्रकाशित जून 3, 2026
VK

By Acharya Vinaya Kapoor · M.A. Sanskrit, Mantra & Stotra Studies

Reviewed by Dr. Suresh Iyer · Vastu Shastra & Jyotish, 18+ years

यह मंत्र क्या है

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भगवान विष्णु और कृष्ण के सबसे पूजनीय मंत्रों में से एक है। इसे द्वादशाक्षरी मंत्र कहा जाता है क्योंकि इसमें बारह अक्षर हैं, और यह मुक्ति मंत्र - मोक्ष के मंत्र के रूप में भी जाना जाता है। यह उन सबके लिए है जो दिव्य में शरण खोजते हैं, चाहे भक्ति को गहरा करना हो, शांति पाना हो, या जीवन के बोझ वासुदेव, सर्वव्यापी प्रभु जो हर हृदय में वास करते हैं, के चरणों में समर्पित करना हो।

उद्गम और महत्व

यह मंत्र श्रीमद्भागवत और अन्य पुराणों में आता है और समस्त वैष्णव मंत्रों में सबसे महत्वपूर्ण में से एक है। यह वही मंत्र था जिससे बाल-ऋषि ध्रुव ने कठोर तप के बाद प्रभु के दर्शन प्राप्त किए। वासुदेव का अर्थ है वसुदेव के पुत्र (कृष्ण) और साथ ही जो सब प्राणियों में वास (वसति) करते हैं। चूँकि यह परम प्रभु को उनके सबसे आत्मीय नाम से सीधे आह्वान करता है, इसे एक पूर्ण मंत्र माना जाता है जिसे आरंभ करने के लिए किसी विस्तृत अनुष्ठान की आवश्यकता नहीं।

मंत्र और इसके बारह अक्षर

मंत्र लिप्यंतरण और देवनागरी में:

Om Namo Bhagavate Vasudevaya ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

बारह अक्षर इस प्रकार गिने जाते हैं: ॐ - न - मो - भ - ग - व - ते - वा - सु - दे - वा - य। आरंभिक आदि नाद है, और नमो भगवते वासुदेवाय का अर्थ है मैं प्रभु वासुदेव को नमन करता हूँ। इसे प्रायः तुलसी की माला पर 108 की आवृत्तियों में जपा जाता है।

शब्दशः अर्थ

शब्दशः अर्थ

परम तत्व का पवित्र नाद है। नमो का अर्थ है मैं नमन करता हूँ, मैं अपना प्रणाम अर्पित करता हूँभगवते का अर्थ है उन प्रभु को जो सब ऐश्वर्यों से पूर्ण हैं - महिमा, बल, यश, सौंदर्य, ज्ञान और वैराग्य। वासुदेवाय का अर्थ है वासुदेव को, वसुदेव के पुत्र कृष्ण, जो उस सब में भी व्याप्त और वास करते हैं जो विद्यमान है। मिलकर यह मंत्र प्रेमपूर्ण समर्पण का पूर्ण कर्म है: ॐ, मैं सर्वव्यापी प्रभु वासुदेव को नमन करता हूँ

जप विधि - कैसे जपें

1. स्नान कर शांत स्थान में स्वच्छ आसन पर पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके बैठें। 2. विष्णु या कृष्ण का चित्र रखें और घी का दीपक व धूप जलाएँ। 3. तुलसी या चंदन की माला लें और ॐ नमो भगवते वासुदेवाय धीरे जपें। 4. कम से कम एक माला (108 बार) से आरंभ करें; कई भक्त 3 या 11 माला करते हैं। 5. जप करते समय मन को अर्थ और कृष्ण के रूप पर रखें। 6. एक मिनट मौन बैठकर समापन करें, फिर कृतज्ञता से प्रणाम करें। एकादशी, वैष्णव पर्व और प्रातःकाल का ब्रह्म मुहूर्त इस जप के लिए विशेष शुभ हैं।

मंत्र के लाभ

इस द्वादशाक्षरी मंत्र का नियमित जप मन को शुद्ध करता, भय व अहंकार को घोलता, और हृदय को भक्ति व शांति से भरता माना जाता है। मुक्ति मंत्र के रूप में यह मोक्ष और प्रभु की कृपा की ओर ले जाता कहा जाता है, साथ ही दैनिक जीवन में रक्षा, स्थिरता और आंतरिक बल भी देता है। सबसे बढ़कर, यह वासुदेव का नाम जिह्वा और हृदय में जीवित रखने का एक सरल, पूर्ण उपाय है।

त्वरित उत्तर

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय का अर्थ क्या है?+

इसका अर्थ है 'ॐ, मैं सर्वव्यापी प्रभु वासुदेव को नमन करता हूँ'। वासुदेव कृष्ण हैं, वसुदेव के पुत्र, और वह दिव्य भी जो सब प्राणियों में वास करते हैं।

इसे द्वादशाक्षरी मंत्र क्यों कहते हैं?+

द्वादशाक्षरी का अर्थ है 'बारह अक्षरों वाला'। मंत्र ॐ नमो भगवते वासुदेवाय में ठीक बारह अक्षर हैं, इसीलिए यह यह नाम धारण करता है।

मंत्र कितनी बार जपना चाहिए?+

तुलसी या चंदन की माला पर कम से कम एक माला यानी 108 आवृत्तियों से आरंभ करें। कई भक्त प्रतिदिन 3 या 11 माला जपते हैं, मन को कृष्ण के रूप पर रखते हुए।

किस ऋषि ने इस मंत्र से प्रभु को प्राप्त किया?+

बाल-ऋषि ध्रुव ने श्रीमद्भागवत में वर्णित कठोर तप के बाद इस मंत्र से प्रभु के दर्शन प्राप्त किए। यह सबसे महत्वपूर्ण वैष्णव मंत्रों में से एक है।

क्या कोई भी यह मंत्र जप सकता है?+

हाँ। यह समर्पण का एक सरल, पूर्ण मंत्र है जिसे श्रद्धा वाला कोई भी, विस्तृत अनुष्ठान के बिना जप सकता है। सच्ची भक्ति और स्वच्छ, शांत मन सबसे अधिक मायने रखते हैं।

इसे जपने का सर्वोत्तम समय कब है?+

प्रातःकाल का ब्रह्म मुहूर्त, एकादशी और वैष्णव पर्व विशेष शुभ हैं, परंतु मंत्र को भक्ति और शांत मन के साथ किसी भी समय जपा जा सकता है।

VK

About the author

Acharya Vinaya Kapoor · M.A. Sanskrit, Mantra & Stotra Studies

Acharya Vinaya holds an M.A. in Sanskrit from Banaras Hindu University and writes the mantra and stotra commentary on Vandnaa. Her focus is on accurate pronunciation, traditional context, and helping modern readers connect with classical texts.

Meet the Vandnaa editorial team →

Listen all aartis, mantras & bhajans in one place.

Download Vandnaa App.

Download Now

Explore on Vandnaa

संबंधित लेख