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श्रावण सोमवार व्रत 2026 - सभी सोमवार तिथियाँ, विधि, कथा + मंत्र
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श्रावण सोमवार व्रत 2026 - सभी सोमवार तिथियाँ, विधि, कथा + मंत्र

9 मिनट पढ़ेंप्रकाशित मई 26, 2026
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By Anjali Mehta · Editor, M.A. Religious Studies

Reviewed by Dr. Suresh Iyer · Vastu Shastra & Jyotish, 18+ years

2026 श्रावण सोमवार तिथियाँ + श्रावण के सोमवार क्यों मायने रखते हैं

श्रावण मास 2026:

  • आरंभ: 10 जुलाई 2026।
  • समापन: 8 अगस्त 2026।

श्रावण सोमवार तिथियाँ 2026:

  • 1वाँ सोमवार: 20 जुलाई।
  • 2वाँ सोमवार: 27 जुलाई।
  • 3वाँ सोमवार: 3 अगस्त।
  • 4वाँ सोमवार: 10 अगस्त।

सोमवार शक्तिशाली क्यों:

1. सोमवार = शिव का दिन। 2. श्रावण = शिव का महीना। 3. श्रावण सोमवार = दोहरा-शिव कृपा।

कौन व्रत करे:

  • अविवाहित महिलाएँ।
  • विवाहित महिलाएँ।
  • अविवाहित पुरुष।
  • मंगल दोष वाले।
  • स्वास्थ्य समस्याओं वाले।
  • संघर्ष का सामना करने वाले।

सोलह सोमवार व्रत: 16 लगातार सोमवार सबसे शक्तिशाली है।

पूर्ण विधि + प्रसिद्ध कथा + शक्तिशाली मंत्र

पूर्ण विधि:

सुबह (4-6 बजे): 1. सूर्योदय से पहले जागें। 2. सफेद/नीले कपड़े। 3. त्रिपुंड्र तिलक।

सुबह पूजा (6-8 बजे): 1. घी का दीपक। 2. शिवलिंग अभिषेक। 3. बिल्व पत्र अर्पण। 4. सफेद फूल, चावल, मिठाई। 5. शिव चालीसा या महा मृत्युंजय मंत्र 21/108 बार। 6. आरती।

उपवास नियम:

  • सख्त: दोपहर में एक सात्विक भोजन। अनाज नहीं, नमक नहीं।
  • मध्यम: चावल + दाल + सब्जियाँ।
  • उदार: केवल मांस/अंडे/शराब टालें।

कथा: एक धनी व्यापारी के बेटे को शिव ने 16 साल के लिए दिया था। बहू ने श्रावण सोमवार व्रत किया। यमदूत आए। शिव ने प्रकट होकर 32 साल और जीवन दिया।

मंत्र:

1. मूल मंत्र: ॐ नमः शिवाय। 2. पंचाक्षरी मंत्र। 3. महा मृत्युंजय मंत्र। 4. शिव बीज मंत्र। 5. विवाहित महिलाओं का मंत्र। 6. अविवाहित महिलाओं का मंत्र।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या पुरुष श्रावण सोमवार व्रत कर सकते हैं?+

बिल्कुल - पुरुषों को भी पालन करना चाहिए। व्रत सभी लिंगों के लिए खुला है। पुरुष कैरियर प्रगति, पिछले जन्म के कर्म हटाने, शक्ति, साहस के लिए पालन करते हैं।

श्रावण सोमवार और कांवड़ यात्रा में क्या संबंध है?+

कांवड़ यात्रा एक तीर्थयात्रा है जहाँ भक्त नंगे पैर हरिद्वार, गौमुख, या सुल्तानगंज से गंगाजल वापस अपने स्थानीय शिव मंदिर में लाते हैं। अधिकांश यात्राएँ श्रावण सोमवार पर पहुँचती हैं।

अगर मैं एक श्रावण सोमवार छोड़ देता हूँ, तो क्या मैं सोलह सोमवार व्रत पूरा कर सकता हूँ?+

पारंपरिक रूप से, सोलह सोमवार व्रत के लिए 16 लगातार सोमवार बिना अंतराल के आवश्यक हैं। यदि आप एक छोड़ देते हैं, तो आप पहले सप्ताह से फिर से शुरू करते हैं।

मुझे किस प्रकार के बिल्व पत्र चढ़ाने चाहिए?+

विशिष्ट नियम: (1) 3-पत्ती वाला (त्रिपत्र) सबसे पवित्र है। (2) ताज़े, हरे, बिना क्षति वाले होने चाहिए। (3) चढ़ाने से पहले साफ पानी से धोएँ। (4) चंदन लगाएँ। (5) संख्या: 11, 21, 108।

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About the author

Anjali Mehta · Editor, M.A. Religious Studies

Anjali is the managing editor for Vandnaa and oversees the festival and vrat coverage. She holds an M.A. in Religious Studies and reviews every published article for accuracy, accessibility, and tradition-fidelity.

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