गोस्वामी तुलसीदास कौन थे?
गोस्वामी तुलसीदास भारत के महानतम संत-कवियों में से एक थे, भगवान राम के परम भक्त। उन्होंने रामचरितमानस लिखी - रामायण की अवधी पुनर्रचना जो उत्तर भारत में राम भक्ति का हृदय बन गई - और प्रिय हनुमान चालीसा, जो लाखों घरों में प्रतिदिन पढ़ी जाती है।
उनकी जयंती उनके जन्मदिवस का स्मरण है और इसे रामचरितमानस का पाठ, राम भजन और हनुमान की पूजा करके मनाया जाता है, जिनकी तुलसीदास ने जीवन भर उपासना की।
तुलसीदास जयंती 2026 - तिथि
📅 तिथि: श्रावण, शुक्ल पक्ष सप्तमी 🗓️ तारीख: अगस्त 2026 के मध्य से अंत तक
तुलसीदास जयंती श्रावण के शुक्ल पक्ष की सातवीं तिथि को पड़ती है। हर वर्ष सटीक तारीख तिथि के साथ बदलती है, इसलिए इसे अपने स्थानीय पंचांग में देखें।
उनकी प्रेरक जीवन कथा
परंपरा कहती है कि तुलसीदास का जन्म बड़ी कठिनाई में हुआ और बचपन में वे माता-पिता से बिछड़ गए। एक संत ने उन्हें पाला और मार्गदर्शन दिया, और उनका हृदय पूर्णतः भगवान राम की ओर मुड़ गया।
कहा जाता है कि अपनी पत्नी के प्रति गहरे अनुराग ने एक बार उन्हें ऐसी बात सुनवाई - यदि वे राम से आधा भी प्रेम करते तो ईश्वर को पा लेते। वे शब्द उनके हृदय में चुभ गए। उन्होंने सांसारिक जीवन त्याग दिया, भ्रमणशील भक्त बन गए, और तीर्थों में घूमते हुए अंततः काशी (वाराणसी) में बस गए।
वहाँ, हनुमान से प्रेरित और भगवान राम के दर्शन से धन्य होकर, उन्होंने रामचरितमानस को जनभाषा में रचा ताकि केवल विद्वान ही नहीं, सब लोग राम कथा का रसास्वादन कर सकें। उनका जीवन सिखाता है कि सच्चे जागरण का एक क्षण साधारण व्यक्ति को भी ईश्वर की ओर मोड़ सकता है।
तुलसीदास जयंती कैसे मनाएँ

- रामचरितमानस का पाठ करें: एक काण्ड या दोहा पढ़ें, या सुंदरकांड पाठ करें - इस दिन विशेष प्रिय।
- हनुमान चालीसा का जप करें: तुलसीदास की अपनी रचना; इसका पाठ हनुमान और कवि दोनों का सम्मान है।
- राम भजन गाएँ और सरल पूजा, तुलसी व घी के दीप सहित सीता-राम का स्मरण करें।
- पुस्तक या अन्न दान करें: आध्यात्मिक ग्रंथ देना या जरूरतमंद को भोजन कराना विशेष पुण्यदायी माना जाता है।
- राम या हनुमान मंदिर जाएँ और भक्ति तथा मन की स्थिरता के लिए प्रार्थना करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2026 में तुलसीदास जयंती कब है?+
तुलसीदास जयंती 2026 श्रावण शुक्ल पक्ष सप्तमी को, अगस्त के मध्य से अंत में पड़ती है। सटीक तारीख अपने स्थानीय पंचांग में देखें क्योंकि तिथि समय क्षेत्र अनुसार बदलता है।
तुलसीदास ने क्या लिखा?+
तुलसीदास ने रामचरितमानस (अवधी रामायण), हनुमान चालीसा, विनय पत्रिका, कवितावली और अन्य भक्ति रचनाएँ लिखीं। रामचरितमानस और हनुमान चालीसा सर्वाधिक पढ़ी जाती हैं।
तुलसीदास जयंती पर हनुमान विशेष क्यों हैं?+
तुलसीदास जीवन भर हनुमान के भक्त रहे और परंपरा के अनुसार हनुमान की कृपा तथा उनके माध्यम से भगवान राम के दर्शन प्राप्त किए। इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ उस संबंध का सम्मान है।
तुलसीदास जयंती पर कौन सा पाठ करना श्रेष्ठ है?+
इस दिन सुंदरकांड और हनुमान चालीसा विशेष प्रिय हैं। यदि समय हो तो रामचरितमानस का कोई भी काण्ड श्रद्धा से पढ़ना अत्यंत शुभ है।
About the author
Acharya Vinaya Kapoor · M.A. Sanskrit, Mantra & Stotra Studies
Acharya Vinaya holds an M.A. in Sanskrit from Banaras Hindu University and writes the mantra and stotra commentary on Vandnaa. Her focus is on accurate pronunciation, traditional context, and helping modern readers connect with classical texts.
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