राम रक्षा स्तोत्रम् क्या है?
राम रक्षा स्तोत्रम् भगवान राम को समर्पित एक प्रसिद्ध रक्षा स्तुति (कवच) है। रक्षा का अर्थ है सुरक्षा, और स्तोत्रम् राम का आह्वान करता है कि वे भक्त के शरीर और जीवन के प्रत्येक अंग की, सिर से पाँव तक, सभी भय और संकट से रक्षा करें।
परंपरा के अनुसार यह ऋषि बुध कौशिक को स्वप्न में स्वयं भगवान शिव द्वारा प्रकट हुआ। इसे असंख्य भक्त प्रतिदिन, विशेषकर महाराष्ट्र में, रक्षा, साहस और शांति के लिए पढ़ते हैं।
अर्थ सहित प्रमुख श्लोक
प्रसिद्ध रक्षा श्लोक: रामो राजमणिः सदा विजयते रामं रमेशं भजे रामेणाभिहता निशाचरचमू रामाय तस्मै नमः। रामान्नास्ति परायणं परतरं रामस्य दासोऽस्म्यहं रामे चित्तलयः सदा भवतु मे भो राम मामुद्धर॥
अर्थ: राजाओं में रत्न राम सदा विजयी होते हैं; मैं लक्ष्मीपति राम को भजता हूँ। राम द्वारा राक्षसों की सेना नष्ट हुई; उन राम को मैं नमन करता हूँ। राम से बढ़कर कोई आश्रय नहीं; मैं राम का दास हूँ; मेरा मन सदा राम में लीन रहे - हे राम, मेरा उद्धार करें।
प्रिय समापन प्रार्थना: आपदामपहर्तारं दातारं सर्वसम्पदाम्। लोकाभिरामं श्रीरामं भूयो भूयो नमाम्यहम्॥
अर्थ: समस्त विपत्तियों के हर्ता, सभी समृद्धि के दाता, संसार को आनंद देने वाले - श्रीराम को मैं बार-बार नमन करता हूँ।
पूर्ण स्तोत्रम् में लगभग 38 श्लोक हैं जो राम की रक्षा को प्रत्येक अंग पर स्थापित करते हैं और उनके नाम की अतुलनीय शक्ति प्रदान करते हैं।
राम रक्षा स्तोत्रम् के लाभ
- रक्षा: कवच के रूप में कार्य करता है, जो शरीर, घर और परिवार को भय, शत्रु, रोग और अदृश्य संकटों से बचाने वाला माना जाता है।
- साहस और शांति: चिंता शांत करता है, दुःस्वप्न हरता है और मन स्थिर करता है।
- बाधा निवारण: कठिनाइयाँ दूर करने और धर्मपूर्ण प्रयासों में सफलता लाने वाला कहा जाता है।
- राम नाम की शक्ति: राम के नाम का सर्वोच्च बल धारण करता है, जो उनके सहस्रनाम जप के समान माना जाता है।
- आध्यात्मिक उत्थान: राम भक्ति गहरी करता है और हृदय को धर्म की ओर मोड़ता है।
बहुत लोग इसे प्रतिदिन प्रातः, यात्रा से पहले, या बच्चों और परिवार की रक्षा के लिए पढ़ते हैं।
राम रक्षा स्तोत्रम् कैसे पढ़ें

1. समय: प्रातः स्नान के बाद या संध्या को पढ़ना श्रेष्ठ है; राम नवमी, मंगलवार और चैत्र माह विशेष शुभ हैं। 2. आसन: सीता, लक्ष्मण और हनुमान सहित भगवान राम के चित्र के समक्ष स्वच्छ आसन पर बैठें, और घी का दीप जलाएँ। 3. स्तोत्रम् को स्पष्ट उच्चारण और शांत, श्रद्धावान मन से पढ़ें। नए लोग प्रसिद्ध श्लोकों ('रामो राजमणिः...' और 'आपदामपहर्तारं...') से आरंभ कर सकते हैं। 4. 'श्री राम जय राम जय जय राम' और रक्षा हेतु एक क्षण की मौन प्रार्थना से समापन करें। 5. इसे स्थिर दैनिक आदत बनाएँ - नियमित, श्रद्धापूर्ण पाठ से रक्षा शक्ति बढ़ती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राम रक्षा स्तोत्रम् की रचना किसने की?+
परंपरा के अनुसार राम रक्षा स्तोत्रम् ऋषि बुध कौशिक को स्वप्न में भगवान शिव द्वारा प्रकट हुआ। यह भगवान राम की सबसे व्यापक रूप से पढ़ी जाने वाली रक्षा स्तुतियों में से एक है।
राम रक्षा स्तोत्रम् प्रतिदिन पढ़ने का क्या लाभ है?+
प्रतिदिन पाठ शरीर, घर और परिवार के लिए रक्षा कवच के रूप में कार्य करने वाला माना जाता है, जो भय, बाधा और नकारात्मकता हरकर साहस, शांति और भगवान राम की कृपा लाता है।
क्या नए लोग राम रक्षा स्तोत्रम् पढ़ सकते हैं?+
हाँ। नए लोग प्रसिद्ध श्लोकों 'रामो राजमणिः...' और 'आपदामपहर्तारं...' से आरंभ कर धीरे-धीरे पूर्ण स्तोत्रम् सीख सकते हैं। स्पष्ट उच्चारण और भक्ति सर्वाधिक महत्वपूर्ण हैं।
राम रक्षा स्तोत्रम् पढ़ने का सर्वोत्तम समय क्या है?+
प्रातः स्नान के बाद या संध्या आदर्श है। राम नवमी, मंगलवार और चैत्र माह विशेष शुभ हैं। यात्रा से पहले या परिवार की रक्षा हेतु पढ़ना भी सामान्य है।
About the author
Acharya Vinaya Kapoor · M.A. Sanskrit, Mantra & Stotra Studies
Acharya Vinaya holds an M.A. in Sanskrit from Banaras Hindu University and writes the mantra and stotra commentary on Vandnaa. Her focus is on accurate pronunciation, traditional context, and helping modern readers connect with classical texts.
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