दीपावली के पाँच पर्व
भारत का संदर्भ पंचांग: पाँच पर्व, जरूरी नहीं कि लगातार पाँच तारीखें हों। 2026 में नरक चतुर्दशी और दीपावली 8 नवंबर को हैं; काली चौदस 7 नवंबर को है। स्थानीय परंपरा और मुहूर्त अलग हो सकते हैं।
भारत के संदर्भ पंचांग में दीपावली की मुख्य लक्ष्मी पूजा रविवार, 8 नवंबर 2026 को है। उत्सव की शुरुआत 6 नवंबर को धनतेरस से और समापन 11 नवंबर को भाई दूज से होता है।
महत्व और परंपरा
दीपावली प्रकाश, आभार और नई शुरुआत का पर्व है। अनेक समुदायों में राम के अयोध्या लौटने की कथा प्रमुख है; क्षेत्रों और धर्म-परंपराओं में इसके अर्थ अलग हैं। कई हिंदू परिवार अमावस्या की संध्या लक्ष्मी-गणेश पूजा करते हैं।
शहर का पंचांगसरल पूजा विधि
- 1
पूजा का स्थान साफ करें और स्थिर चौकी पर लक्ष्मी तथा गणेश के चित्र रखें।
- 2
जल, फूल, दीप और उपलब्ध फल या मिठाई रखें। सिक्के और कलश पारिवारिक परंपरा के अनुसार वैकल्पिक हैं।
- 3
गणेश प्रार्थना से शुरू करें, फिर फूल अर्पित कर आभार के साथ लक्ष्मी का स्मरण करें।
- 4
सहज गति से लक्ष्मी प्रार्थना करें; सरल गृह पूजा में निश्चित जप संख्या जरूरी नहीं है।
- 5
भोग लगाएँ, आरती करें और परिवार या पड़ोसियों में प्रसाद बाँटें।
- 6
निगरानी में दीप सुरक्षित रखें। जहाँ खुली लौ सुरक्षित न हो, बिजली के दीपक उपयोग करें।
प्रार्थना
ॐ श्री महालक्ष्म्यै नमः
देवी महालक्ष्मी को नमस्कार। चाहें तो पहले गणेश प्रार्थना करें: ॐ गं गणपतये नमः।
आरती और प्रार्थनापूजा थाली और भोग
- जल, फूल और दीप
- खीर, खील-बताशे या थोड़ी मिठाई
- मौसमी फल
श्रद्धा और समझ के साथ उत्सव
पूजा धन की गारंटी नहीं है। खरीदारी, आधी रात तक जागना और दरवाजे खुले रखना सभी के लिए अनिवार्य नहीं हैं।
लक्ष्मी पूजा का सही मुहूर्त शहर के सूर्यास्त, अमावस्या और परंपरा पर निर्भर है। स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।
सामान्य प्रश्न
दीपावली 2026 कब है?
भारत के संदर्भ पंचांग में मुख्य लक्ष्मी पूजा रविवार, 8 नवंबर 2026 को है। धनतेरस 6 नवंबर, गोवर्धन 10 नवंबर और भाई दूज 11 नवंबर को हैं।
क्या ये लगातार पाँच दिन हैं?
नहीं। ये पाँच पर्व हैं, जरूरी नहीं कि लगातार पाँच तारीखें हों। 2026 में नरक चतुर्दशी और दीपावली 8 नवंबर को हैं, जबकि गोवर्धन पूजा 10 नवंबर को है।
क्या महँगी सामग्री के बिना सरल पूजा कर सकते हैं?
हाँ। उपलब्ध सामग्री और पारिवारिक परंपरा के अनुसार करें। छोटी प्रार्थना, फूल और प्रसाद के साथ भी श्रद्धापूर्ण पूजा कर सकते हैं।
पंचांग संदर्भ: Drik Panchang · 2026
