माँ दुर्गा के नौ दिन
शहर का पंचांगआज की पूजा
माँ ब्रह्मचारिणी
- लोकप्रिय रंग
- सफेद
- परंपरागत भोग का सुझाव
- शक्कर या फल
ॐ दुं दुर्गायै नमः
माँ दुर्गा को नमस्कार। सहज गति से जप करें; दीक्षित साधना में गुरु का निर्देश मानें।
रंग और भोग परंपरा के अनुसार बदलते हैं। यह नौ दिनों की भक्ति-क्रम सूची है, किसी शहर की तिथि या मुहूर्त की गणना नहीं।
दैनिक पूजा
0/4अष्टमी, नवमी और दशहरा
18 अक्टूबर 2026
दिन 8 · महागौरी
19 अक्टूबर 2026
दिन 9 · सिद्धिदात्री
20 अक्टूबर 2026
विजयादशमी / दशहरा
कन्या पूजन, पारण और विसर्जन स्थानीय तिथि तथा पारिवारिक संकल्प के अनुसार करें। यहाँ भक्ति का दिनवार क्रम है, अष्टमी-नवमी की सार्वभौमिक पूजा-तिथि नहीं; पूजा से पहले स्थानीय पंचांग देखें।
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श्रद्धा के साथ सुरक्षित उत्सव
उपवास वैकल्पिक है; नौ दिन पानी छोड़कर व्रत न करें। स्वास्थ्य पर असर हो सकता हो तो डॉक्टर से सलाह लें। जलते दीपक की निगरानी करें; ज़रूरत हो तो बिजली का दीपक रखें। कम सामग्री उपयोग करें और विसर्जन की सामग्री प्राकृतिक जलस्रोतों में न डालें।
सामान्य प्रश्न
2026 में नवरात्रि, अष्टमी और दशहरा कब हैं?
शरद नवरात्रि 11–19 अक्टूबर तक है। भक्ति-क्रम में महागौरी 18 और सिद्धिदात्री 19 अक्टूबर को हैं; अष्टमी-नवमी की पूजा स्थानीय पंचांग के अनुसार अलग हो सकती है। दशहरा 20 अक्टूबर को है।
क्या हर दिन का रंग और भोग अनिवार्य है?
नहीं। लोकप्रिय रंग-क्रम और भोग भक्ति की परंपराएँ हैं, सभी के लिए अनिवार्य नियम नहीं। पारिवारिक परंपरा और उपलब्ध सामग्री के अनुसार करें।
क्या बिना व्रत के पूजा कर सकते हैं?
हाँ। बिना उपवास भी प्रार्थना, आरती और सेवा कर सकते हैं। नौ दिनों का निर्जल उपवास न करें। गर्भावस्था, बीमारी, दवा या मधुमेह में व्रत से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
कन्या पूजन और व्रत पारण कब करें?
कई परिवार अष्टमी या नवमी पर कन्या पूजन करते हैं। पारण मूल संकल्प और स्थानीय तिथि पर निर्भर है; एक ही समय सभी पर लागू न करें, अपने पंडित से पूछें।
तिथि संदर्भ: Drik Panchang · 2026
