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सोने और रात की प्रार्थना के मंत्र: सोने से पहले जपने योग्य श्लोक
Mantras

सोने और रात की प्रार्थना के मंत्र: सोने से पहले जपने योग्य श्लोक

7 मिनट पढ़ेंप्रकाशित जून 24, 2026
SI

By Dr. Suresh Iyer · Vastu Shastra & Jyotish, 18+ years

Reviewed by Pandit Mahesh Trivedi · Festival Traditions & Panchang

सोने से पहले प्रार्थना क्यों करें?

सोने से पहले के अंतिम विचार मन में गहरे उतरते हैं और हमारे विश्राम तथा स्वप्नों को आकार देते हैं। इसलिए हिंदू परंपरा दिन का समापन कोमल रात्रि प्रार्थना से करती है - दिन की चिंताओं और किसी भी भूल को छोड़ने, और ईश्वर पर भरोसा कर नींद में समर्पित होने का क्षण।

एक सामान्य अभ्यास है दिन की भूलों के लिए क्षमा माँगना, दिन के लिए कृतज्ञता प्रकट करना, और आँखें बंद होते हुए ईश्वर का नाम या शांतिदायक मंत्र जपना। यह हृदय को अपराधबोध और तनाव से खाली कर देता है, जिससे नींद अधिक शांति से आती है और नया दिन हल्का आरंभ होता है। दिन को ईश्वर के नाम में समाप्त करना, एक अर्थ में, ईश्वर की गोद में सो जाना है।

रात्रि प्रार्थनाएँ - श्लोक, लिप्यंतरण और अर्थ

1. क्षमा प्रार्थना (करचरण कृतम्) - दिन के दोषों के लिए क्षमा माँगना:

करचरणकृतं वाक्कायजं कर्मजं वा श्रवणनयनजं वा मानसं वापराधम् । विहितमविहितं वा सर्वमेतत्क्षमस्व जय जय करुणाब्धे श्रीमहादेव शम्भो ॥

करचरणकृतं वाक्कायजं कर्मजं वा श्रवणनयनजं वा मानसं वापराधम्, विहितमविहितं वा सर्वमेतत्क्षमस्व जय जय करुणाब्धे श्रीमहादेव शम्भो।

अर्थ: हे करुणा के सागर, भगवान महादेव शम्भो, जो भी दोष मैंने हाथ, पैर, वाणी, शरीर या कर्म से, कान, नेत्र या मन से, जानते या अनजाने किया हो - वह सब क्षमा करें। आपकी जय हो, जय हो।

2. राम का नाम (एक सुकूनदायक रात्रि जप):

श्री राम जय राम जय जय राम ।

श्री राम जय राम जय जय राम।

अर्थ: श्री राम की जय। सोते समय कोमलता से प्रभु का नाम दोहराना मन को शांति से भर देता है।

3. ॐ नमः शिवाय (समर्पण और रक्षा):

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय - 'मैं शिव को नमन करता हूँ।' सोते समय कोमलता से जपने पर यह नींद में सुरक्षा और शांत समर्पण का भाव लाता है।

सोने से पहले प्रार्थना कैसे करें

  • स्थिर हों: बिस्तर में आने पर फोन हटा दें, रोशनी मंद करें, और कुछ धीमी साँसें लें।
  • कृतज्ञता दें: दिन के लिए ईश्वर का संक्षेप में धन्यवाद करें - इसके भोजन, सुरक्षा और छोटे आशीर्वादों के लिए।
  • क्षमा माँगें: करचरण कृतम् श्लोक जपें (या अपने शब्दों में कहें), दिन की किसी भूल या कठोर क्षण को छोड़ते हुए।
  • नाम कोमलता से जपें: शिथिल होते हुए 'श्री राम जय राम' या 'ॐ नमः शिवाय' कोमलता से दोहराएँ, मन को ध्वनि पर टिकने दें।
  • नींद में समर्पित हों: अंतिम जाग्रत विचार ईश्वर का रहे, और चिंताओं में उलझे बिना सो जाएँ।
  • बच्चों के लिए: एक सरल साझा 'हे भगवान, धन्यवाद, शुभ रात्रि' के साथ राम नाम का एक चक्र एक सुंदर पारिवारिक आदत है।

रात्रि प्रार्थना के लाभ

रात्रि प्रार्थना के लाभ
  • शांत नींद: चिंताओं को छोड़ना और शांतिदायक नाम जपना मन को सुकून देता है और नींद को सरलता से आने में मदद करता है।
  • स्वच्छ अंतःकरण: क्षमा माँगना अपराधबोध और द्वेष को खाली कर देता है, जिससे आप व्यथित हृदय के बिना विश्राम करते हैं।
  • कृतज्ञता: दिन को धन्यवाद में समाप्त करना ध्यान को जो गलत हुआ उससे प्राप्त आशीर्वादों की ओर मोड़ता है।
  • बेहतर स्वप्न और सुबह: एक शांत, दिव्य अंतिम विचार कोमल विश्राम और अगले दिन का हल्का आरंभ लाता है।
  • स्नेहपूर्ण पारिवारिक अनुष्ठान: एक छोटी साझा प्रार्थना दिन को साथ समाप्त करने का कोमल तरीका और बच्चों को सिखाने का उपहार है।

जैसे प्रातः प्रार्थना दिन का आरंभ करती है, वैसे ही रात्रि प्रार्थना उसे कोमलता से समाप्त करती है - नींद को ही विश्वास और समर्पण का कार्य बना देती है।

लोग सबसे ज़्यादा क्या पूछते हैं

सोने से पहले कौन सा मंत्र जपना चाहिए?+

एक सुकूनदायक विकल्प है क्षमा श्लोक 'करचरण कृतम्', जिसके बाद सोते हुए कोमलता से 'श्री राम जय राम' या 'ॐ नमः शिवाय' दोहराना। जो आपको सबसे शांतिदायक लगे वही चुनें।

करचरण कृतम् श्लोक किसके लिए है?+

यह दिन भर हाथ, पैर, वाणी, शरीर, कान, नेत्र या मन से, जानते या अनजाने किए किसी दोष के लिए प्रभु से क्षमा माँगने की प्रार्थना है। यह रात को स्वच्छ हृदय से दिन समाप्त करने के लिए जपा जाता है।

क्या मैं बिस्तर में लेटे हुए रात्रि प्रार्थना जप सकता हूँ?+

हाँ। यद्यपि औपचारिक जप के लिए बैठी मुद्रा आदर्श है, रात्रि प्रार्थना कोमल होने के लिए है। लेटे हुए कोमलता से जपना या सोते समय मौन ईश्वर का नाम स्मरण करना पूर्णतः उचित है।

क्या बच्चों के लिए कोई सरल रात्रि प्रार्थना है?+

हाँ। एक छोटी, साझा 'हे भगवान, आज के लिए धन्यवाद, हमें सुरक्षित रखें, शुभ रात्रि' के साथ 'श्री राम जय राम' का एक चक्र एक प्यारी, सरल पारिवारिक आदत है जो कृतज्ञता और शांति सिखाती है।

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About the author

Dr. Suresh Iyer · Vastu Shastra & Jyotish, 18+ years

Dr. Suresh has practiced traditional Vastu and basic Vedic Jyotish for over 18 years across South India. He contributes the Vastu, direction, and home-puja layout guides on Vandnaa.

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