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गोमती चक्र - लाभ, उपयोग और उपाय
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गोमती चक्र - लाभ, उपयोग और उपाय

8 मिनट पढ़ेंप्रकाशित जून 3, 2026
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By Dr. Suresh Iyer · Vastu Shastra & Jyotish, 18+ years

Reviewed by Acharya Vinaya Kapoor · M.A. Sanskrit, Mantra & Stotra Studies

गोमती चक्र क्या है

गोमती चक्र गुजरात के द्वारका की गोमती नदी में पाई जाने वाली एक छोटी, प्राकृतिक पत्थर जैसी समुद्री शंख-शिला है। इसका एक भाग सपाट और दूसरा उभरा हुआ सर्पिल होता है जो चक्र (पहिये) जैसा दिखता है, इसीलिए इसे भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र और माँ लक्ष्मी से जोड़ा जाता है। इसे धन, रक्षा व सौभाग्य आकर्षित करने हेतु एक शक्तिशाली व सुलभ वस्तु माना जाता है।

महत्व और मान्यताएँ

अपने चक्र जैसे सर्पिल के कारण गोमती चक्र विष्णु व लक्ष्मी की ऊर्जा धारण करता और बुरी नज़र (नज़र) व नकारात्मक ऊर्जा के विरुद्ध प्राकृतिक कवच की तरह कार्य करता माना जाता है। इसका व्यापक उपयोग धन हेतु लक्ष्मी उपायों में, बच्चों व घर की रक्षा अनुष्ठानों में, और वास्तु सुधार के साधन के रूप में होता है। इसकी शक्ति सरलता में है - यह श्रद्धा, भाव व सही स्थापना से कार्य करता है।

गोमती चक्र मंत्र

किसी भी उपाय में गोमती चक्र का प्रयोग करने से पहले इस पर लक्ष्मी मंत्र जपकर इसे ऊर्जित करें:

ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः

या सरल ॐ श्रीं नमः। चक्रों को हाथ में लें, मंत्र का 11 या 108 बार जप करें, और इन्हें रखने से पहले धन या रक्षा का संकल्प करें।

धन हेतु गोमती चक्र उपाय

धन हेतु गोमती चक्र उपाय

1. शुक्रवार या दीपावली को 11 गोमती चक्र लें, उन्हें ऊर्जित करें, और स्थिर धन आकर्षित करने हेतु अपनी नकदी पेटी, लॉकर या धन की दराज़ में रखें। 2. कुछ चक्रों को एक सिक्के और थोड़ी मिठाई के साथ लाल वस्त्र में बाँधें, और यह पोटली घर के मंदिर या तिजोरी में रखें। 3. अनावश्यक व्यय रोकने हेतु एक चक्र अपने पर्स या बटुए में रखें। 4. समृद्धि हेतु नए घर या दुकान के चारों कोनों पर चक्र रखें या गाड़ें। 5. दीपावली पूजा में लक्ष्मी को गोमती चक्र अर्पित करें और निरंतर आशीर्वाद हेतु इन्हें वर्ष भर रखें।

रक्षा और वास्तु हेतु उपाय

बुरी नज़र से रक्षा हेतु दो गोमती चक्र काले धागे में बाँधें और इन्हें मुख्य द्वार पर या बच्चे के गले या कलाई पर लटकाएँ। वास्तु दोष हेतु ऊर्जित चक्रों को प्रभावित कोने में या तुलसी पौधे के नीचे रखें। घर से नकारात्मक ऊर्जा हटाने हेतु हर कमरे में एक गोमती चक्र रखें या लक्ष्मी मंत्र से ऊर्जित जल छिड़कें। ये सरल उपाय घर को शांत व सुरक्षित रखते माने जाते हैं।

गोमती चक्र के लाभ

गोमती चक्र धन आकर्षित करने व उसे बनाए रखने, फिजूलखर्ची रोकने और लक्ष्मी की स्थिर कृपा बुलाने वाला माना जाता है। यह घर व बच्चों को बुरी नज़र व नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा करता, वास्तु दोष सुधारने में सहायक है, और शांति व सौभाग्य लाता है। प्राकृतिक व सुलभ होने के कारण यह हिंदू परिवारों में सबसे लोकप्रिय व सुगम समृद्धि उपायों में से एक है।

गोमती चक्र को कैसे रखें और संभालें

गोमती चक्र को कैसे रखें और संभालें

सदैव एक भाग पर स्पष्ट सर्पिल वाला असली गोमती चक्र ही प्रयोग करें। उपयोग से पहले इसे एक बार लक्ष्मी मंत्र से ऊर्जित करें, और दीपावली पर पुनः ऊर्जित करें। इसे स्वच्छ रखें और पवित्र या धन-संबंधी स्थान पर रखें, कभी स्नानघर में या भूमि पर नहीं। इसका सम्मान करें; यदि चक्र टूट जाए, तो इसे फेंकने की बजाय बहते जल में सम्मानपूर्वक प्रवाहित करें।

त्वरित उत्तर

गोमती चक्र क्या है?+

गोमती चक्र द्वारका की गोमती नदी में पाई जाने वाली छोटी प्राकृतिक समुद्री शंख-शिला है, जिसके एक भाग पर चक्र जैसा सर्पिल होता है। यह विष्णु व लक्ष्मी से जुड़ा है और धन व रक्षा उपायों में प्रयुक्त होता है।

गोमती चक्र धन कैसे आकर्षित करता है?+

11 गोमती चक्रों को लक्ष्मी मंत्र से ऊर्जित करें और उन्हें अपनी नकदी पेटी, लॉकर या धन की दराज़ में रखें, विशेषकर शुक्रवार या दीपावली को, ताकि स्थिर धन आकर्षित व सुरक्षित हो।

गोमती चक्र मंत्र क्या है?+

चक्र को 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' या 'ॐ श्रीं नमः' का 11 या 108 बार जप करके ऊर्जित करें, साथ ही धन या रक्षा का संकल्प करें।

क्या गोमती चक्र बुरी नज़र से रक्षा कर सकता है?+

हाँ। दो गोमती चक्रों को काले धागे में बाँधें और बुरी नज़र व नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा हेतु इन्हें मुख्य द्वार पर या बच्चे के गले या कलाई पर लटकाएँ।

गोमती चक्र उपाय किस दिन करने चाहिए?+

लक्ष्मी का दिन शुक्रवार और दीपावली गोमती चक्रों को धन, समृद्धि व घर की रक्षा हेतु ऊर्जित करने व रखने के सबसे शुभ समय हैं।

यदि गोमती चक्र टूट जाए तो क्या करें?+

इसे कूड़े में न फेंकें। इसका सम्मान करें और टूटे गोमती चक्र को नदी जैसे बहते जल में प्रवाहित करें, क्योंकि यह लक्ष्मी की पवित्र वस्तु है।

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About the author

Dr. Suresh Iyer · Vastu Shastra & Jyotish, 18+ years

Dr. Suresh has practiced traditional Vastu and basic Vedic Jyotish for over 18 years across South India. He contributes the Vastu, direction, and home-puja layout guides on Vandnaa.

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