मनोकामना पूर्ण करने वाली देवी
मनसा देवी शक्ति का मनोकामना पूर्ण करने वाला रूप हैं, जिनका नाम ही मनसा (मन की कामना) से आया है। सबसे प्रसिद्ध मंदिर हरिद्वार के ऊपर बिल्व पर्वत पर, पवित्र गंगा के ऊपर स्थित है, जबकि एक और पूजनीय मनसा देवी मंदिर चंडीगढ़ के पास पंचकूला में है। हृदय की कामनाएँ पूर्ण करने वाली देवी रूप में, वे उत्तर भारत के सबसे अधिक दर्शन किए जाने वाले देवी मंदिरों में से एक हैं।
कथा और महत्व
मनसा देवी शक्ति का वह रूप मानी जाती हैं जो भगवान शिव के मन से प्रकट हुईं, और परंपरा में उन्हें नाग वंश से जुड़ी नाग-कन्या माना जाता है, जो रक्षा और मनोकामना पूर्ति हेतु पूजी जाती हैं। भक्त मानते हैं कि उनसे सच्चे हृदय से प्रार्थना करने पर मन की कामनाएँ पूर्ण होती हैं। हरिद्वार मंदिर मनसा देवी, चंडी देवी और माया देवी की पवित्र त्रयी का अंग है, वे तीन देवियाँ जिनका दर्शन हरिद्वार तीर्थयात्रा को पूर्ण करता है।
पवित्र मनोकामना वृक्ष
मनसा देवी की सबसे प्रिय परंपरा मंदिर परिसर में एक विशेष वृक्ष पर *पवित्र धागा (मौली) बाँधना है। भक्त हृदय से मनोकामना करते हुए धागा बाँधते हैं, और मनोकामना पूर्ण होने पर वे आभार रूप में धागा खोलने* लौटते हैं। यह जीवंत प्रथा, अनगिनत लाल व पीले धागों से ढके वृक्ष के साथ, मंदिर का भावनात्मक हृदय है और दूर-दूर से भक्तों को आकर्षित करती है।
दर्शन, समय और यात्रा सुझाव

हरिद्वार मंदिर सामान्यतः प्रातः लगभग 5 बजे से संध्या तक खुलता है, कुछ ऋतुओं में मध्याह्न विश्राम और प्रातः व संध्या आरती के साथ। पहाड़ी मंदिर तक हरिद्वार से सीढ़ियों की चढ़ाई या केबल कार (रोपवे) से पहुँचा जा सकता है, जिसमें रोपवे गंगा व कस्बे के सुंदर दृश्य देता है। सुझाव: चढ़ाई बचाने हेतु रोपवे लें, जल साथ रखें, सप्ताहांत पर जल्दी पहुँचें, और दर्शन को चंडी देवी व माया देवी तथा हर की पौड़ी की गंगा आरती के साथ जोड़ें।
मंत्र और प्रार्थना कैसे करें
भक्त देवी का आह्वान इस मंत्र से करते हैं:
ॐ मनसा देव्यै नमः
बीज मंत्र ॐ ह्रीं श्रीं मनसा देव्यै नमः और सार्वभौमिक दुर्गा मंत्र का भी उनके समक्ष पाठ होता है। हाथ जोड़कर प्रणाम करें, मनोकामना करते हुए मनोकामना-वृक्ष पर पवित्र धागा बाँधें, और मनोकामना पूर्ण होने पर लौटने का संकल्प लें। लाल चुनरी, नारियल, पुष्प, मिठाई और प्रसाद अर्पित करना और विनम्रता व श्रद्धा से प्रणाम करना परंपरा है।
मनसा देवी में पर्व और नवरात्रि
मनसा देवी में सबसे बड़ी भीड़ चैत्र और शारदीय नवरात्रि में आती है, जब मंदिर सजाया जाता है और लाखों तीर्थयात्री दर्शन हेतु आते हैं, अक्सर गंगा में पवित्र स्नान के साथ। हरिद्वार में कुंभ व अर्ध कुंभ मेलों के दौरान भी मंदिर व्यस्त रहता है। नवरात्रि यात्रा की योजना पहले बनाएँ, लंबी रोपवे व दर्शन पंक्तियों की अपेक्षा करें, और व्यस्त भीड़ में शांत, भक्तिमय मन रखें।
लोग सबसे ज़्यादा क्या पूछते हैं
मनसा देवी को मनोकामना पूर्ण करने वाली क्यों कहते हैं?+
उनका नाम मनसा से आया है, मन की कामना। भक्त मानते हैं कि सच्चे हृदय से प्रार्थना करने पर मन की कामनाएँ पूर्ण होती हैं, इसीलिए वे मनोकामना पूर्ण करने वाली देवी रूप में पूजी जाती हैं।
मनसा देवी में पवित्र धागे की परंपरा क्या है?+
भक्त मनोकामना करते हुए मंदिर के एक विशेष वृक्ष पर पवित्र धागा बाँधते हैं। मनोकामना पूर्ण होने पर वे देवी के प्रति आभार रूप में धागा खोलने लौटते हैं।
मनसा देवी मंदिर कहाँ स्थित है?+
सबसे प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर हरिद्वार के ऊपर बिल्व पर्वत पर, गंगा के ऊपर स्थित है। एक और पूजनीय मनसा देवी मंदिर चंडीगढ़ के पास पंचकूला में है।
मनसा देवी पहाड़ी मंदिर तक कैसे पहुँचें?+
आप पहाड़ी की चोटी तक सीढ़ियों से चढ़ सकते हैं या हरिद्वार से केबल कार (रोपवे) ले सकते हैं। रोपवे आसान है और नीचे गंगा व कस्बे के सुंदर दृश्य देता है।
मनसा देवी का मंत्र क्या है?+
भक्त 'ॐ मनसा देव्यै नमः' का जप करते हैं। बीज मंत्र 'ॐ ह्रीं श्रीं मनसा देव्यै नमः' और सार्वभौमिक दुर्गा मंत्र का भी उनके समक्ष पाठ होता है।
हरिद्वार में कौन सी तीन देवियों के दर्शन साथ किए जाते हैं?+
मनसा देवी, चंडी देवी और माया देवी हरिद्वार की पवित्र त्रयी बनाती हैं। हर की पौड़ी पर स्नान सहित तीनों का दर्शन हरिद्वार तीर्थयात्रा को पूर्ण करता कहा जाता है।
About the author
Pandit Ravindra Sharma · Vedic Rituals & Bhakti, 22+ years
Pandit Ravindra is the Vandnaa editorial team's resident specialist on aarti, chalisa, and daily devotion. He has performed home and temple pujas across Varanasi and Delhi for over two decades and contributes the bhakti-focused articles on this site.
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