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संतान प्राप्ति (संतान) के मंत्र - विधि और लाभ
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संतान प्राप्ति (संतान) के मंत्र - विधि और लाभ

9 मिनट पढ़ेंप्रकाशित जून 3, 2026
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By Acharya Vinaya Kapoor · M.A. Sanskrit, Mantra & Stotra Studies

Reviewed by Pandit Ravindra Sharma · Vedic Rituals & Bhakti, 22+ years

श्रद्धा से अर्पित एक प्रार्थना

संतान की कामना पवित्र और गहराई से व्यक्तिगत है, जिसे अनेक दंपति आशा व धैर्य के साथ धारण करते हैं। भक्ति परंपरा में माता-पिता दिव्य की ओर माँग के रूप में नहीं, बल्कि आशीर्वाद की विनम्र प्रार्थना के रूप में मुड़ते हैं। मंत्र जप चिंतित हृदयों को शांति देता, साथियों के बीच बंधन को गहरा करता, और इस चाह को दिव्य कृपा को समर्पित करता है। यह यहाँ कोमलता से, श्रद्धा के साथी के रूप में प्रस्तुत है, कभी आश्वासन के रूप में नहीं।

संतान गोपाल मंत्र - संतान आशीर्वाद हेतु

संतान गोपाल मंत्र संतान हेतु सबसे पूज्य प्रार्थना है, जो भगवान कृष्ण के बाल रूप, बाल गोपाल को संबोधित है। जपें:

ॐ देवकीसुत गोविन्द वासुदेव जगत्पते। देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः॥

इसका अर्थ हृदय से समर्पण है: 'हे कृष्ण, देवकी के पुत्र, जगत के स्वामी, मैं आपकी शरण में हूँ; मुझे संतान प्रदान करें।' देवता: कृष्ण (बाल गोपाल)। दिन: बुधवार या जन्माष्टमी से आरंभ करें। संख्या: 108 बार। माला: तुलसी।

कृष्ण मंत्र - प्रिय बाल प्रभु

बाल गोपाल, शिशु कृष्ण की उपासना संतान की आशा रखने वाले दंपतियों हेतु एक कोमल व प्रिय अभ्यास है। एक सरल दैनिक मंत्र है:

ॐ क्लीं कृष्णाय नमः

अनेक परिवार घर में बाल गोपाल की मूर्ति भी रखते हैं, उसे माता-पिता के प्रेम से माखन, दूध और छोटी मिठाई अर्पित करते हुए। देवता: कृष्ण। दिन: बुधवार और जन्माष्टमी। संख्या: 108 बार। माला: तुलसी। मूर्ति की स्नेहमयी देखभाल स्वयं प्रार्थना का अंग है।

पार्वती और शिव मंत्र - दिव्य माता-पिता

पार्वती और शिव मंत्र - दिव्य माता-पिता

मातृ देवी माँ पार्वती और भगवान शिव दिव्य माता-पिता हैं जिनकी कृपा परिवार के कल्याण और संतान आशीर्वाद हेतु माँगी जाती है। जपें:

ॐ ह्रीं पार्वत्यै नमः

दंपति सोमवार को और श्रावण मास में साथ उपासना भी करते हैं, शिव मंदिर में जल व बेल पत्र अर्पित करते हुए। देवता: पार्वती और शिव। दिन: सोमवार। संख्या: 108 बार। माला: रुद्राक्ष। उनका आशीर्वाद सौहार्दपूर्ण, धन्य घर हेतु माँगा जाता है।

जप विधि - पाठ कैसे करें

1. स्नान कर स्वच्छ, यथासंभव पीले वस्त्र पहनें; प्रातः कृष्ण या बाल गोपाल के सामने बैठें। 2. घी का दीप जलाएँ, ताज़े पुष्प, तुलसी, माखन या दूध-मिठाई अर्पित करें। 3. दोनों साथी शांत, आशावान हृदय से साथ बैठ सकते हैं। 4. चुने मंत्र का प्रतिदिन तुलसी माला पर 108 बार जप एक निरंतर अवधि तक करें। 5. प्रायः इकतालीस या अड़तालीस दिन के दैनिक जप का पारंपरिक संकल्प रखा जाता है। 6. समापन मौन बैठकर, चिंता नहीं बल्कि समर्पण से प्रार्थना करते हुए करें। कोमलता, धैर्य और श्रद्धा इस अभ्यास को प्रतीक्षा के दौरान शांति का स्रोत बनाते हैं।

आशावान माता-पिता हेतु सहायक अभ्यास

मंत्र जप के साथ परिवार घर में बाल गोपाल रखकर और उसकी प्रेम से देखभाल कर, बच्चों की सेवा व उन्हें भोजन कराकर, और गौ माता को भोजन अर्पित कर सांत्वना पाते हैं। साथ कृष्ण या देवी मंदिर जाना, घर को शांत व स्वच्छ रखना, और कृष्ण के बाल्यकाल की कथाएँ पढ़ना एक कोमल, आशावान वातावरण को पोषित करते हैं। समान रूप से महत्वपूर्ण है अपने स्वास्थ्य की देखभाल, अच्छा चिकित्सा मार्गदर्शन लेना, और धैर्य व प्रेम से एक-दूसरे का सहारा बनना।

प्रतीक्षा में कृपा से थामे हुए

प्रतीक्षा में कृपा से थामे हुए

यह एक कोमल यात्रा है, और इसे सबसे बढ़कर कोमलता मिलनी चाहिए। कोई प्रार्थना परिणाम का वचन नहीं दे सकती, और दिव्य हमारी समझ से परे रीतियों व समय में उत्तर देता है। भक्ति जो देती है वह है सांत्वना, शक्ति और एक शांत हृदय - जब आप प्रतीक्षा करते हैं और जब आप अच्छी चिकित्सा देखभाल लेते हैं। आपकी प्रार्थनाएँ आपको शांति, दंपति के रूप में निकटता, और यह श्रद्धा दें कि आप कृपा से थामे हुए हैं, आगे का मार्ग चाहे जो हो।

पाठकों के प्रश्न

संतान गोपाल मंत्र क्या है?+

यह 'ॐ देवकीसुत गोविन्द वासुदेव जगत्पते, देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः' है, जो भगवान कृष्ण के बाल रूप को हृदय से अर्पित प्रार्थना है, संतान की आशा रखने वाले दंपति इसे जपते हैं।

मंत्र कितने समय तक जपना चाहिए?+

अनेक इकतालीस या अड़तालीस दिन के दैनिक जप का संकल्प रखते हैं, प्रतिदिन 108 बार। मुख्य बात चिंता के बजाय श्रद्धा व समर्पण से अर्पित स्थिर, शांत अभ्यास है।

क्या दोनों साथी साथ जप कर सकते हैं?+

हाँ, और इसे प्रोत्साहित किया जाता है। शांत, आशावान हृदय से साथ बैठना साथियों के बंधन को गहरा करता और अभ्यास को शांति व शक्ति का साझा स्रोत बनाता है।

क्या बाल गोपाल की मूर्ति रखना सहायक है?+

अनेक परिवार घर में बाल गोपाल रखते हैं और माता-पिता के प्रेम से उसकी देखभाल करते हैं, माखन, दूध व मिठाई अर्पित करते हुए। यह स्नेहमयी भक्ति संतान की प्रार्थना का कोमल व पारंपरिक अंग है।

क्या मुझे संतान प्राप्ति हेतु केवल मंत्रों पर निर्भर रहना चाहिए?+

नहीं। मंत्र जप शांति, निकटता व शक्ति देता है, पर चिकित्सा देखभाल का विकल्प नहीं है। कृपया भक्ति के साथ अच्छा चिकित्सा मार्गदर्शन और अपने स्वास्थ्य की देखभाल भी जोड़ें।

संतान आशीर्वाद हेतु किन देवताओं की उपासना की जाती है?+

संतान गोपाल मंत्र द्वारा बाल गोपाल रूप में भगवान कृष्ण सबसे पूज्य हैं, साथ ही दिव्य माता-पिता रूप में माँ पार्वती व भगवान शिव, जिनकी उपासना विशेषकर सोमवार और श्रावण में की जाती है।

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About the author

Acharya Vinaya Kapoor · M.A. Sanskrit, Mantra & Stotra Studies

Acharya Vinaya holds an M.A. in Sanskrit from Banaras Hindu University and writes the mantra and stotra commentary on Vandnaa. Her focus is on accurate pronunciation, traditional context, and helping modern readers connect with classical texts.

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