सावन सोमवार व्रत क्या है
सावन (श्रावण) भगवान शिव का सबसे पवित्र मास है, और इस मास के सोमवार सोमवार व्रत के रूप में रखे जाते हैं। भक्त व्रत रखकर शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करते हैं, और स्वास्थ्य, सुख व अच्छे जीवनसाथी की प्रार्थना करते हैं। अविवाहित स्त्रियाँ योग्य पति हेतु सोलह सोमवार व्रत रखती हैं। अधिकांश शिव व्रतों की तरह भोजन फलाहार तक सीमित रहता है और अनाज त्याग दिए जाते हैं।
सावन सोमवार पर क्या खाएँ
सोमवार व्रत के लिए अनुमत फलाहार:
- ताज़े और सूखे फल तथा फलों के रस
- दूध, दही, लस्सी, पनीर और घी
- साबूदाना, मखाना और समक चावल
- कुट्टू आटा और सिंघाड़े के आटे के व्यंजन
- सेंधा नमक के साथ आलू, शकरकंद और कद्दू
- सूखे मेवे, मूँगफली और नारियल
अधिकांश भक्त संध्या शिव पूजा के बाद एक फलाहार भोजन करते हैं; कुछ दिन भर केवल दूध और फल लेते हैं।
सावन सोमवार पर क्या न खाएँ
व्रत के दौरान कड़ाई से त्यागें:
- सभी अनाज - चावल, गेहूँ, मैदा और बेसन
- साधारण नमक (केवल सेंधा नमक प्रयोग करें)
- प्याज़, लहसुन और तामसिक भोजन
- मांसाहार, अंडे, मद्य और तंबाकू
- दालें और दलहन
पूरे सावन मास में अनेक भक्त कुछ दिनों पर बैंगन, हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ और दही से भी बचते हैं, और व्रत न होने पर भी पूर्णतः सात्विक आहार लेते हैं।
नमूना सावन सोमवार व्यंजन

सोमवार व्रत के लिए सरल व्यंजन:
- साबूदाना खिचड़ी और साबूदाना वड़ा
- व्रत आलू सब्ज़ी के साथ कुट्टू की पूरी
- समक चावल पुलाव या समक खीर
- मखाना खीर और भुना मखाना
- फल चाट, लस्सी और फलों सहित दही
- मीठे फलाहार के रूप में सिंघाड़े के आटे का हलवा
मात्रा हल्की रखें, क्योंकि व्रत अक्सर संध्या को पूजा के बाद खोला जाता है।
सावन सोमवार व्रत के नियम
1. प्रातः स्नान करें, स्वच्छ वस्त्र पहनें और व्रत का संकल्प लें। 2. रुद्राभिषेक करें या शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और श्वेत पुष्प अर्पित करें। 3. ॐ नमः शिवाय का जप करें और शिव चालीसा व सोमवार व्रत कथा पढ़ें। 4. क्रोध, झूठ और कटु वचन से बचें; दिन को शांत और भक्तिमय रखें। 5. व्रत संध्या को शिव पूजा के बाद फलाहार से खोलें, या अपनी परंपरा अनुसार अगली सुबह। यथासंभव श्वेत वस्त्र पहनें और पूरा दिन सात्विक रखें।
व्रत कैसे खोलें और चिकित्सकीय सावधानी
व्रत संध्या पूजा के बाद भारी भोजन के बजाय फल, दूध या हल्के फलाहार से कोमलता से खोलें, और व्रत औपचारिक रूप से समाप्त होने तक अनाज से बचें। मधुमेह वाले, निम्न रक्तचाप या अम्लता वाले, गर्भवती व स्तनपान कराने वाली माताएँ, बच्चे और वृद्धजन हल्की फल-दूध दिनचर्या रखें या कठोर व्रत से बचें, और पहले चिकित्सक से परामर्श लें। दिन भर पर्याप्त पानी पिएँ, विशेषकर गर्म सावन ऋतु में, और कमज़ोरी हो तो विश्राम करें।
भक्तों के सामान्य प्रश्न
सावन सोमवार व्रत में क्या खा सकते हैं?+
फल, दूध, दही, साबूदाना, मखाना, समक चावल, कुट्टू व सिंघाड़े के आटे के व्यंजन, और सेंधा नमक के साथ आलू अनुमत हैं। अधिकांश संध्या पूजा के बाद एक फलाहार भोजन करते हैं।
क्या सावन सोमवार व्रत में दूध पी सकते हैं?+
हाँ। दूध, दही और लस्सी सावन सोमवार व्रत के केंद्र में हैं और ऊर्जावान बनाए रखने में सहायक हैं। अनेक भक्त दिन भर केवल दूध और फल लेते हैं।
सावन सोमवार व्रत कब खोलना चाहिए?+
अधिकांश व्रत संध्या को शिव पूजा के बाद फलाहार से खोलते हैं, जबकि कुछ अगली सुबह तक रखते हैं। इसे भारी भोजन से नहीं, बल्कि फल या दूध से कोमलता से खोलें।
सावन सोमवार पर भगवान शिव को क्या अर्पित करें?+
शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, श्वेत पुष्प और रुद्राभिषेक अर्पित करें, और ॐ नमः शिवाय का जप करें। शिव को तुलसी अर्पित न करें।
अविवाहित स्त्रियाँ सोलह सोमवार व्रत क्यों रखती हैं?+
सोलह सोमवार सोलह सोमवारों के व्रतों की श्रृंखला है जो भगवान शिव को प्रसन्न करती और अविवाहित स्त्रियों को योग्य पति व सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद देती मानी जाती है।
सावन सोमवार व्रत में किन्हें सावधान रहना चाहिए?+
मधुमेह वाले, निम्न रक्तचाप या अम्लता वाले, गर्भवती व स्तनपान कराने वाली माताएँ, बच्चे और वृद्धजन हल्की फल-दूध दिनचर्या रखें और व्रत से पहले चिकित्सक से परामर्श लें।
About the author
Anjali Mehta · Editor, M.A. Religious Studies
Anjali is the managing editor for Vandnaa and oversees the festival and vrat coverage. She holds an M.A. in Religious Studies and reviews every published article for accuracy, accessibility, and tradition-fidelity.
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