योगेश्वरी देवी कौन हैं
महाराष्ट्र के बीड जिले के अंबाजोगाई नगर में, जो कभी जोगाई या जयंती के नाम से जाना जाता था, योगेश्वरी देवी का प्राचीन मंदिर स्थित है, जिन्हें जयंती नदी के तट पर अंबा के स्वरूप में पूजा जाता है।
यहां देवी को एक प्रभावशाली काले पाषाण की मूर्ति में पूजा जाता है, और भक्तों का मानना है कि इस नगर का नाम अंबाजोगाई स्वयं उन्हीं की उपस्थिति से जन्मा है।
इतिहास और कथा
मान्यता है कि सदियों से ऋषि-मुनि और कवि उनकी कृपा में शरण और प्रेरणा पाते रहे हैं। मंदिर और नगर की स्मृति मराठी संत-कवि मुकुंदराज से जुड़ी है, जिनके विषय में मान्यता है कि उन्होंने उनकी कृपा से अपनी भक्ति रचनाएं लिखीं, तथा संत-कवि दासोपंत भी इस क्षेत्र से जुड़े माने जाते हैं।
यह मंदिर शताब्दियों पुराना माना जाता है, जो मराठवाड़ा के हृदय में शक्ति का एक स्थायी केंद्र है।
महत्व और भक्तों की मनोकामनाएं
भक्त योगेश्वरी देवी से बुद्धि, साहस और सुरक्षा का आशीर्वाद मांगते हैं, और अनेक स्थानीय परिवार उन्हें अपनी कुलदेवी मानते हैं, जिनकी पूजा विवाह और नामकरण जैसे पारिवारिक संस्कारों में गहराई से रची-बसी है।
जयंती नदी के तट पर उनकी उपस्थिति नगर को एक शांत, चिंतनशील भक्तिमय वातावरण भी प्रदान करती है जो तीर्थयात्रियों और विद्वानों दोनों को आकर्षित करता है।
दर्शन मार्गदर्शिका: समय और त्योहार

मंदिर में वर्षभर प्रातः और सायं आरती का नियमित क्रम चलता है।
चैत्र और आश्विन दोनों नवरात्रियों में बड़े आयोजन होते हैं, जब नगर के मेले और शोभायात्राएं मंदिर के इर्द-गिर्द केंद्रित रहती हैं, और मराठवाड़ा भर से भक्त यहां आते हैं।
अंबाजोगाई कैसे पहुंचें
अंबाजोगाई महाराष्ट्र के बीड जिले में स्थित है।
- निकटतम रेलवे स्टेशन: परली वैजनाथ
- निकटतम हवाई अड्डा: औरंगाबाद (छत्रपति संभाजीनगर)
- सड़क मार्ग से: लातूर और बीड से राज्य बसों एवं निजी वाहनों द्वारा भलीभांति जुड़ा हुआ है।
जप हेतु मंत्र और सार
भक्त उनके मंदिर में ॐ योगेश्वरी देव्यै नमः मंत्र का जप करते हैं।
कवियों और ऋषियों का उनकी कृपा से प्रेरणा पाना भक्तों को यह स्मरण कराता है कि भक्ति और ज्ञान साथ-साथ चलते हैं। यहां की आराधना श्रद्धा और प्रेम का कार्य है, कोई लेन-देन नहीं।
लोग सबसे ज़्यादा क्या पूछते हैं
इस नगर का नाम अंबाजोगाई क्यों पड़ा?+
भक्तों का मानना है कि यह नगर, जो कभी जोगाई के नाम से जाना जाता था, अपना वर्तमान नाम योगेश्वरी देवी से लेता है, जिन्हें अंबा भी कहा जाता है, और जिनका प्राचीन मंदिर यहां स्थित है।
योगेश्वरी देवी मंदिर किससे जुड़ा है?+
भक्ति परंपरा में इस मंदिर का स्मरण मराठी संत-कवि मुकुंदराज और दासोपंत के साथ किया जाता है, जिन्होंने उनकी कृपा से प्रेरणा पाई मानी जाती है।
योगेश्वरी देवी मंदिर, अंबाजोगाई कैसे पहुंचें?+
निकटतम रेलवे स्टेशन परली वैजनाथ और निकटतम हवाई अड्डा औरंगाबाद है, तथा लातूर और बीड से सड़क मार्ग से भलीभांति जुड़ा हुआ है।
About the author
Pandit Mahesh Trivedi · Festival Traditions & Panchang
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