श्री राम कौन हैं
श्री राम भगवान विष्णु के सातवें अवतार और रामायण के नायक हैं, जिन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम कहा जाता है - वह आदर्श पुरुष जो हर स्थिति में धर्म का पालन करते हैं। राजा दशरथ के पुत्र और अयोध्या के राजकुमार रूप में, वे पुत्र, पति, भाई और राजा के रूप में सत्य, कर्तव्य, त्याग और आदर्श आचरण के प्रतीक हैं। सीता, लक्ष्मण और हनुमान के साथ, राम बुराई पर धर्म की विजय के प्रतीक हैं, और उनका नाम स्वयं एक शक्तिशाली मंत्र माना जाता है।
राम आरती का महत्व
आरती उपासना का प्रेममय शिखर है, जब गीत, घंटी और तालियों के स्वर में देवता के सामने जलता दीपक घुमाया जाता है। लोकप्रिय राम आरती, 'आरती कीजे रामचंद्र जी की', राम की सीता, लक्ष्मण और हनुमान सहित उनके दिव्य दरबार में स्तुति करती है। इसे परिवार सहित मिलकर गाना घर को भक्ति व शांति से भर देता है, और राम की कृपा, रक्षा तथा सत्य व धर्म से जीने की शक्ति का आह्वान करता माना जाता है।
राम आरती के बोल
आरती कीजे रामचंद्र जी की, हरि हरि हरि नाम जपो सुखदायी। पहली आरती पुष्पन की माला, काली नाग नथैया ग्वाला। दूसरी आरती देवकी नंदन, भक्तन के प्रभु मान-मर्दन। तीसरी आरती त्रिभुवन मोहनी, तुलसीदास प्रभु दीन-दुख-भंजनी।
आरती राम को सुख का दाता और भक्तों के दुःख का नाशक कहती है, उन्हें उनके प्रिय परिवार के संग दीपों व पुष्पों से सम्मानित करती है।
आरती का अर्थ

प्रारंभिक पंक्ति सभी को रामचंद्र की आरती करने और हरि के सुखदायी नाम का जप करने हेतु आमंत्रित करती है। फिर छंद क्रमशः आरतियाँ अर्पित करते हैं - पुष्पों की मालाओं व दीपों के साथ - उस प्रभु को जो तीनों लोकों के मोहक और दीन-दुखियों के दुःख के नाशक हैं। सरल, हृदयस्पर्शी शब्दों से, आरती भक्तों को स्मरण कराती है कि राम की शरण और उनके नाम का जप शांति, साहस और शोक के नाश को लाता है।
आरती विधि - कैसे करें
1. पूजा पूर्ण होने पर आरती थाली में विषम संख्या (एक, तीन या पाँच) बत्तियों वाला घी का दीपक जलाएँ। 2. थाली में पुष्प, रोली, अक्षत, धूप और छोटी घंटी रखें। 3. श्री राम के चित्र के सामने खड़े हों, घंटी बजाएँ और आरती गाना आरंभ करें। 4. प्रभु के सामने दीपक को दक्षिणावर्त कोमल वृत्तों में घुमाएँ - पहले चरण, फिर पूर्ण रूप। 5. आरती के बाद ज्योति की ऊष्मा अपनी हथेलियों पर लेकर आँखों व मस्तक पर लगाएँ। 6. फल या मिठाई जैसा भोग अर्पित करें और सभी उपस्थित जनों को प्रसाद बाँटें। 'श्री राम, जय राम, जय जय राम' का जप कर और शरणागत होकर प्रणाम से समापन करें।
भक्तों के सामान्य प्रश्न
श्री राम कौन हैं?+
श्री राम विष्णु के सातवें अवतार और रामायण के नायक हैं, जिन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम कहा जाता है, वह आदर्श पुरुष जो पुत्र, पति, भाई और राजा रूप में सत्य व धर्म का पालन करते हैं।
लोकप्रिय राम आरती कौन सी है?+
सबसे लोकप्रिय राम आरती 'आरती कीजे रामचंद्र जी की' है, जो राम को सुख का दाता और भक्तों के दुःख का नाशक कहती है, उन्हें दीपों व पुष्पों से सम्मानित करती है।
राम आरती कैसे की जाती है?+
पूजा के बाद आरती थाली में घी का दीपक जलाएँ, घंटी बजाएँ, और गाते हुए राम के चित्र के सामने दीपक को दक्षिणावर्त घुमाएँ। ज्योति की ऊष्मा आँखों पर लगाकर और प्रसाद अर्पित कर समापन करें।
आरती में दीपक दक्षिणावर्त क्यों घुमाया जाता है?+
दीपक को दक्षिणावर्त घुमाना सूर्य की शुभ दिशा का अनुसरण करता है और देवता को प्रकाश व भक्ति अर्पित करने, अंधकार दूर करने तथा सकारात्मक ऊर्जा के आह्वान का प्रतीक है।
राम आरती गाने के लिए सर्वोत्तम दिन कौन सा है?+
इसे प्रतिदिन गाया जा सकता है, पर चैत्र मास की राम नवमी सबसे विशेष दिन है। अनेक लोग इसे मध्याह्न में, राम के जन्म की घड़ी में, पूरे परिवार के साथ गाते हैं।
राम नाम जप की शक्ति क्या है?+
राम का नाम एक शक्तिशाली मंत्र माना जाता है। 'श्री राम, जय राम, जय जय राम' का जप शांति, साहस, रक्षा और शोक के नाश को लाता माना जाता है।
About the author
Acharya Vinaya Kapoor · M.A. Sanskrit, Mantra & Stotra Studies
Acharya Vinaya holds an M.A. in Sanskrit from Banaras Hindu University and writes the mantra and stotra commentary on Vandnaa. Her focus is on accurate pronunciation, traditional context, and helping modern readers connect with classical texts.
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