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विश्वकर्मा पूजा मंत्र + आरती + कथा - पूर्ण पूजा विधि
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विश्वकर्मा पूजा मंत्र + आरती + कथा - पूर्ण पूजा विधि

10 मिनट पढ़ेंप्रकाशित मई 23, 2026
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By Acharya Vinaya Kapoor · M.A. Sanskrit, Mantra & Stotra Studies

Reviewed by Anjali Mehta · Editor, M.A. Religious Studies

अर्थ के साथ 7 शक्तिशाली विश्वकर्मा मंत्र

1. मूल मंत्र: ॐ विश्वकर्मणे नमः

अर्थ: विश्वकर्मा को नमस्कार।

2. बीज मंत्र: ॐ ऐं ह्रीं श्रीं विश्वकर्मणे नमः

3. विश्वकर्मा गायत्री मंत्र: ॐ विश्वकर्मणे विद्महे विश्वशिल्पाय धीमहि तन्नो विश्वकर्मा प्रचोदयात्

4. वास्तु शांति मंत्र: ॐ श्री विश्वकर्मणे शिल्प गुरवे नमः

5. दारिद्र्य नाशन मंत्र: ॐ विश्वकर्मणे शुभं फलं देहि देहि स्वाहा

6. यंत्र मंत्र: ॐ ह्रीं विश्वकर्मणे यंत्र रक्षायै नमः

7. कर्म फल मंत्र: ॐ विश्वकर्मणे कर्म फलम् देहि देहि नमः

सर्वोत्तम जप अभ्यास:

  • समय: ब्रह्म मुहूर्त।
  • दिशा: पूर्व या ईशान।
  • माला: तुलसी या रुद्राक्ष।
  • मुद्रा: सुखासन।
  • समापन: ॐ शांति शांति शांति।

विश्वकर्मा आरती - हिंदी और अंग्रेज़ी में पूर्ण बोल

विश्वकर्मा आरती:

जय श्री विश्वकर्मा प्रभु, जय श्री विश्वकर्मा। सकल सृष्टि के कर्ता, रक्षक स्तुति धर्मा॥

[पूर्ण आरती ऊपर अंग्रेज़ी अनुभाग में देखें - दोनों भाषाओं में बोल समान हैं।]

आरती कैसे करें:

1. मूर्ति के सामने खड़े हों। 2. आरती दीपक जलाएँ। 3. आरती थाली पकड़ें। 4. दक्षिणावर्त घुमाएँ। 5. श्लोक गाएँ। 6. घंटी बजाएँ। 7. आरती की लौ आँखों के पास लाएँ। 8. सभी को वितरण करें।

विश्वकर्मा कथा - दिव्य वास्तुकार की कहानी

विश्वकर्मा की उत्पत्ति:

विश्वकर्मा हिंदू धर्म में सबसे प्राचीन देवताओं में से एक हैं, ऋग्वेद में ही उल्लेखित। वे 'सब-करने वाले' (विश्वकर्मा) हैं - दिव्य कारीगर जिसने पूरा ब्रह्मांड बनाया।

कहानी 1 - ब्रह्मांडीय वास्तुकार।

प्रारंभ में, विश्वकर्मा ने बनाया:

  • ग्रह और तारे।
  • पर्वत।
  • महासागर और नदियाँ।
  • सभी जीवित रूप।
  • दिव्य शहर।

कहानी 2 - विश्वकर्मा और लंका शहर।

भगवान शिव और पार्वती की शादी हो रही थी। ब्रह्मा ने विश्वकर्मा से लंका शहर बनाने को कहा। विश्वकर्मा ने इसे सोने और रत्नों से सजाकर बनाया। बाद में, यह रावण को मिला।

कहानी 3 - कृष्ण की द्वारका।

विश्वकर्मा ने एक रात में द्वारका का निर्माण किया।

कहानी 4 - देवताओं के हथियार:

विश्वकर्मा ने बनाया:

  • विष्णु का सुदर्शन चक्र।
  • शिव का त्रिशूल।
  • इंद्र का वज्र।
  • राम का पिनाक।

आध्यात्मिक पाठ:

इन सभी कहानियों का एक सत्य: कुशल काम और भौतिक शिल्प के बिना, देवताओं की शक्तियाँ भी दुनिया में प्रकट नहीं हो सकती हैं।

त्वरित उत्तर

क्या मैं दैनिक विश्वकर्मा पूजा कर सकता हूँ या यह केवल कन्या संक्रांति के लिए है?+

दैनिक पूजा का स्वागत है और पारंपरिक है। कई कारीगर, इंजीनियर, और आईटी श्रमिक त्वरित दैनिक विश्वकर्मा पूजा करते हैं - 5-10 मिनट।

विश्वकर्मा और विश्वकर्मा जयंती में क्या अंतर है?+

विश्वकर्मा देवता हैं (दिव्य वास्तुकार)। 'विश्वकर्मा जयंती' एक विशिष्ट त्योहार है जो उनके जन्म/प्रकटीकरण का जश्न मनाता है।

क्या मुझे सभी 7 मंत्र करने की आवश्यकता है या मैं केवल एक चुन सकता हूँ?+

अपनी आवश्यकता के आधार पर केवल एक चुनें। मूल मंत्र (ॐ विश्वकर्मणे नमः) सभी सामान्य उद्देश्यों के लिए पर्याप्त है - दैनिक 108 बार व्यापक आशीर्वाद देता है।

क्या मैं अपने कार्यालय कार्यस्थल पर विश्वकर्मा की पूजा कर सकता हूँ - क्या यह उपयुक्त है?+

बिल्कुल हाँ - वास्तव में, कार्यस्थल विश्वकर्मा पूजा सबसे उपयुक्त सेटिंग है। सेटअप: एक छोटा फोटो रखें, मंगलवार को 5 मिनट: फोटो निकालें, डेस्क पर रखें, दीपक जलाएँ, मंत्र 11 बार जप करें।

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About the author

Acharya Vinaya Kapoor · M.A. Sanskrit, Mantra & Stotra Studies

Acharya Vinaya holds an M.A. in Sanskrit from Banaras Hindu University and writes the mantra and stotra commentary on Vandnaa. Her focus is on accurate pronunciation, traditional context, and helping modern readers connect with classical texts.

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