मंगलवार और शनिवार हनुमान जी को प्रिय क्यों हैं
हनुमान जी, भगवान राम के परम भक्त सेवक, बल, साहस और रक्षा के देव हैं। मंगलवार उनका मुख्य दिन है, जो मंगल ग्रह तथा वीरता व ओज से जुड़ा है। शनिवार इसलिए मनाया जाता है क्योंकि हनुमान जी अपने भक्तों के लिए शनि के कष्ट दूर करते माने जाते हैं। इन दो दिनों अनुशासन से उपासना करना उनकी शीघ्र कृपा, भय से रक्षा और बाधाओं के नाश का साधन माना जाता है।
हनुमान जी की भक्ति
हनुमान जी भक्ति और सेवा के सर्वोच्च आदर्श हैं। रामायण में उन्होंने माता सीता की खोज में समुद्र लाँघा, लक्ष्मण के प्राण बचाने हेतु संजीवनी पर्वत उठाया और अपनी पूँछ से लंका दहन किया। जब उनसे पूछा गया कि वे राम की सेवा क्यों करते हैं, तो कहते हैं उन्होंने अपने हृदय में विराजमान राम-सीता दिखा दिए। इसीलिए भक्त मानते हैं कि हनुमान जी को प्रसन्न करना स्वयं भगवान राम की कृपा पाने का सबसे निश्चित मार्ग है।
मंगलवार और शनिवार की हनुमान पूजा विधि
मंगलवार या शनिवार प्रातः यह सरल विधि अपनाएँ: 1. जल्दी उठें, स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र, अधिमानतः लाल या केसरिया, पहनें। 2. पूजा स्थान स्वच्छ करें और हनुमान जी का चित्र या मूर्ति अपने आसन के सामने रखें। 3. तिल या सरसों के तेल का दीपक जलाएँ और गेंदा या गुलाब जैसे लाल पुष्प अर्पित करें। 4. हनुमान जी को सिंदूर लगाएँ और विशेष दिनों पर चोला चढ़ाएँ। 5. बूँदी लड्डू, गुड़ और भुने चने का भोग लगाएँ। 6. हनुमान चालीसा पढ़ें, फिर समय हो तो बजरंग बाण या सुंदरकांड। 7. आरती करें और हाथ जोड़कर बल व रक्षा की प्रार्थना करते हुए प्रणाम करें।
नियम - भक्तों द्वारा पालन किए जाने वाले

हनुमान भक्ति पवित्रता और अनुशासन पर टिकी है। मंगलवार और शनिवार को: 1. शरीर, वस्त्र और पूजा स्थान की स्वच्छता रखें। 2. इन दिनों ब्रह्मचर्य का पालन करें और विचार शुद्ध रखें। 3. मद्य, मांसाहार, प्याज और लहसुन का कठोरता से त्याग करें। 4. अनेक भक्त व्रत रखते हैं, एक बार भोजन करते या फल-दूध लेते हैं। 5. सत्य बोलें, क्रोध पर नियंत्रण रखें और किसी को हानि या अपमान न करें। 6. भोग और अर्पण विधिपूर्वक श्रद्धा से करें, लापरवाही से नहीं। सच्चा नियम निष्ठा है - हनुमान जी विस्तृत अनुष्ठान से अधिक विनम्र, ईमानदार हृदय को महत्व देते हैं।
जप के लिए हनुमान मंत्र
सबसे सरल और शक्तिशाली मंत्र है:
ॐ हं हनुमते नमः
एक अन्य प्रचलित प्रार्थना है:
ॐ श्री हनुमते नमः
साहस और रक्षा हेतु भक्त ध्यान श्लोक पढ़ते हैं:
मनोजवं मारुततुल्यवेगं, जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्। वातात्मजं वानरयूथमुख्यं, श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये।
मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा से पूर्व तुलसी या लाल मनकों की माला पर मंत्र का 108 बार जप करें।
हनुमान उपासना के लाभ
मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी की सच्ची उपासना निर्भयता व साहस देती, नकारात्मक ऊर्जा, भूत-प्रेत व दृष्टि (नज़र) से रक्षा करती और शनि के कष्ट दूर करती मानी जाती है। यह संकल्प को दृढ़ करती, कार्य व अध्ययन की बाधाएँ हटाती, क्रोध व चिंता शांत करती और भगवान राम के प्रति भक्ति गहरी करती है। सबसे बढ़कर, हनुमान संकट मोचन हैं - श्रद्धा से पुकारने वालों के हर संकट के हर्ता।
बचने योग्य बातें

हनुमान जी की उपासना अस्वच्छ अवस्था या अशुद्ध भाव से न करें। उन्हें न दी जाने वाली वस्तुएँ अर्पित न करें, और अनेक परंपराओं में स्त्रियों को मासिक धर्म के समय मूर्ति स्पर्श या चोला अर्पण से बचने और सम्मानपूर्वक दूरी से जप कर उपासना करने का परामर्श है। हनुमान भक्ति का उपयोग किसी की हानि हेतु कभी न करें, और नियम सहजता से न छोड़ें - भव्य भोग से अधिक निरंतरता और शुद्ध हृदय मायने रखते हैं।
भक्तों के सामान्य प्रश्न
हनुमान जी की पूजा के लिए कौन से दिन सर्वोत्तम हैं?+
मंगलवार और शनिवार हनुमान उपासना के सबसे पवित्र दिन हैं। मंगलवार साहस व मंगल से जुड़ा है, जबकि शनिवार इसलिए मनाया जाता है क्योंकि हनुमान जी अपने भक्तों के शनि कष्ट दूर करते हैं।
हनुमान जी को क्या अर्पित करना चाहिए?+
गेंदा या गुलाब जैसे लाल पुष्प, सिंदूर, तिल या सरसों के तेल का दीपक और बूँदी लड्डू, गुड़ व भुने चने का भोग अर्पित करें। विशेष दिनों पर भक्त सिंदूर व चमेली तेल का चोला चढ़ाते हैं।
मंगलवार और शनिवार को कौन से नियम पालने चाहिए?+
स्वच्छता रखें, ब्रह्मचर्य व शुद्ध विचार पालें, और मद्य, मांसाहार, प्याज व लहसुन का कठोरता से त्याग करें। सत्य बोलें, क्रोध पर नियंत्रण रखें, और अनेक भक्त इन दिनों व्रत रखते हैं।
मुख्य हनुमान मंत्र क्या है?+
सरल मंत्र 'ॐ हं हनुमते नमः' का 108 बार जप किया जाता है, अधिमानतः तुलसी या लाल मनकों की माला पर। भक्त हनुमान चालीसा और 'मनोजवं मारुततुल्यवेगं' ध्यान श्लोक भी पढ़ते हैं।
क्या स्त्रियाँ हनुमान जी की उपासना कर सकती हैं?+
हाँ। स्त्रियाँ हनुमान जी की उपासना कर सकती हैं, चालीसा पढ़ सकती हैं और पूर्ण भक्ति से प्रार्थना कर सकती हैं। कुछ परंपराओं में मासिक धर्म के समय मूर्ति स्पर्श या चोला अर्पण से बचने और दूरी से उपासना का परामर्श है।
हनुमान जी की उपासना के क्या लाभ हैं?+
हनुमान उपासना साहस व निर्भयता, नकारात्मक ऊर्जा व नज़र से रक्षा, शनि कष्टों से राहत, बाधाओं का नाश और शांत मन देती है। संकट मोचन रूप में वे सच्चे भक्तों के हर संकट को दूर करते हैं।
About the author
Acharya Vinaya Kapoor · M.A. Sanskrit, Mantra & Stotra Studies
Acharya Vinaya holds an M.A. in Sanskrit from Banaras Hindu University and writes the mantra and stotra commentary on Vandnaa. Her focus is on accurate pronunciation, traditional context, and helping modern readers connect with classical texts.
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