नवरात्रि व्रत - एक परिचय
नवरात्रि का अर्थ है नौ रातें जो माँ दुर्गा के नौ रूपों को समर्पित हैं। भक्त कठोर निर्जला व्रत से लेकर दिन में एक फलाहार भोजन तक, या केवल अनाज, नमक और तामसिक भोजन त्यागकर व्रत रखते हैं। उद्देश्य देवी का आशीर्वाद पाते हुए शरीर व मन को शुद्ध करना है। नौ दिनों में भोजन फलाहार - फल और विशेष व्रत सामग्री - तक सीमित रहता है।
नवरात्रि में क्या खाएँ
अनुमत नवरात्रि व्रत भोजन:
- सभी फल और ताज़ा फलों के रस
- कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा और राजगिरा
- साबूदाना, मखाना और समक चावल (सामा)
- आलू, शकरकंद, कद्दू, अरबी और लौकी
- दूध, दही, पनीर, घी और सूखे मेवे
- सेंधा नमक, जीरा, हरी मिर्च, अदरक, काली मिर्च और धनिया
ताज़ा, हल्का भोजन करें और नौ दिनों में स्वयं को भरपूर जलयुक्त रखें।
नवरात्रि में क्या न खाएँ
नौ दिन इन्हें त्यागें:
- सभी अनाज - गेहूँ, चावल, मैदा, बेसन, मक्का और जई
- साधारण नमक (केवल सेंधा नमक प्रयोग करें)
- प्याज़ और लहसुन तथा सभी तामसिक भोजन
- मांसाहार, अंडे, मद्य और तंबाकू
- सामान्य दलहन और दालें
- पैकेटबंद, तला हुआ और बासी जंक फूड
अनेक परिवार बाल व नाख़ून काटने से भी बचते हैं और पर्व भर सात्विक, शांत घर बनाए रखते हैं।
नमूना नवरात्रि फलाहार व्यंजन

नौ दिनों के लिए स्वादिष्ट और पौष्टिक व्रत व्यंजन:
- सब्ज़ियों या दूध के साथ समक चावल पुलाव या खीर
- आलू की सब्ज़ी के साथ कुट्टू की पूरी या सिंघाड़े का चीला
- साबूदाना खिचड़ी और साबूदाना वड़ा
- जीरा और सेंधा नमक के साथ व्रत के आलू
- मखाना खीर और सूखे मेवे के लड्डू
- लौकी का हलवा, फल रायता और दही
व्यंजन रोज़ बदलते रहें ताकि आहार विविध, संतुलित और सुपाच्य बना रहे।
नवरात्रि व्रत के नियम
1. पहले दिन उस व्रत का संकल्प लें जिसे आप निभा सकें। 2. माँ दुर्गा के सामने अखंड ज्योत या दैनिक दीप जलाएँ और दुर्गा चालीसा या सप्तशती पढ़ें। 3. घर और रसोई स्वच्छ व सात्विक रखें; केवल व्रत भोजन पकाएँ। 4. नौ दिनों में सत्य, शांति और ब्रह्मचर्य (संयम) बनाए रखें। 5. अष्टमी या नवमी को कन्या पूजन करें और व्रत समाप्त करने से पहले कन्याओं को भोजन कराएँ। अधिक व्रत न करें, अपने शरीर की सुनें और पोषित रहें।
स्वस्थ रहने के सुझाव और चिकित्सकीय सावधानी
एक भारी भोजन के बजाय दिन भर थोड़ा-थोड़ा खाएँ, और तले हुए के स्थान पर भुना या उबला फलाहार चुनें। कमज़ोरी और अम्लता से बचने हेतु पानी, नारियल पानी, दूध और फलों का रस पिएँ। मधुमेह वाले, निम्न रक्तचाप वाले, गर्भवती व स्तनपान कराने वाली माताएँ, बच्चे और वृद्धजन हल्की फल-दूध दिनचर्या रखें या कठोर व्रत से बचें, और पहले चिकित्सक से परामर्श लें। बेहोशी या अस्वस्थता महसूस हो तो व्रत कोमलता से खोलें और विश्राम करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नवरात्रि व्रत में क्या खा सकते हैं?+
फल, दूध, दही, साबूदाना, मखाना, समक चावल, कुट्टू व सिंघाड़े का आटा, आलू व अन्य व्रत सब्ज़ियाँ सेंधा नमक के साथ, और सूखे मेवे सभी अनुमत हैं।
क्या नवरात्रि व्रत में समक चावल चलता है?+
हाँ। समक (सामा) वास्तविक अनाज नहीं है और नवरात्रि में पुलाव या खीर के रूप में व्यापक रूप से खाया जाता है। यह एक लोकप्रिय और तृप्तिदायक फलाहार विकल्प है।
क्या नवरात्रि में प्याज़ और लहसुन खा सकते हैं?+
नहीं। प्याज़ और लहसुन तामसिक भोजन हैं और नवरात्रि में कड़ाई से त्यागे जाते हैं। व्रत व्यंजन इसके स्थान पर सेंधा नमक, जीरा, अदरक, हरी मिर्च और काली मिर्च से स्वादिष्ट बनाए जाते हैं।
नौ दिन के व्रत में ऊर्जावान कैसे रहें?+
थोड़ा-थोड़ा और बार-बार फलाहार खाएँ, फल, दूध और सूखे मेवे शामिल करें, और पानी, नारियल पानी व रस से जलयुक्त रहें। तले हुए के बजाय भुना या उबला भोजन चुनें।
नवरात्रि में कन्या पूजन क्या है?+
कन्या पूजन देवी के रूप में कन्याओं की पूजा और भोजन है, जो अष्टमी या नवमी को किया जाता है। अनेक भक्त इस अनुष्ठान के बाद अपना नौ दिन का व्रत खोलते हैं।
किन्हें कठोर नवरात्रि व्रत से बचना चाहिए?+
मधुमेह वाले, निम्न रक्तचाप या अम्लता वाले, गर्भवती व स्तनपान कराने वाली माताएँ, बच्चे और वृद्धजन हल्की फल-दूध दिनचर्या रखें और व्रत से पहले चिकित्सक से परामर्श लें।
About the author
Pandit Mahesh Trivedi · Festival Traditions & Panchang
Pandit Mahesh leads the festival-date and Panchang content on Vandnaa. He cross-references multiple regional panchangs (Drik, Vaishnava, Bengali, Marathi) for every festival date published on the site.
Meet the Vandnaa editorial team →Explore on Vandnaa
संबंधित लेख

शारदीय नवरात्रि 2026: 9 दिन के रंग, पूजा विधि, व्रत नियम व कन्या पूजन गाइड
10 मिनट पढ़ें

व्रत के नियम - सामान्य उपवास नियम, करें और न करें
9 मिनट पढ़ें

उपवास - आध्यात्मिक और वैज्ञानिक लाभ
8 मिनट पढ़ें

एकादशी व्रत भोजन (फलाहार) - क्या खाएँ और क्या न खाएँ
9 मिनट पढ़ें

दुर्गा आरती – अम्बे तू है जगदम्बे काली लिरिक्स
8 मिनट पढ़ें

दुर्गा चालीसा बोल हिंदी व अंग्रेज़ी अर्थ सहित
9 मिनट पढ़ें
